अय्यूब अंसारी (NNI Coverage संवाददाता)
नानपारा/बहराइच, उ0प्र0। कृषि विज्ञान केन्द्र पर वैज्ञानिकों द्वारा धान को पंक्ति में लगाने की सीख दी गई। प्रदर्शन के समय केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष डॉ के कोएम सिंह, डॉ मनीष, डॉ अरुण, डॉ दुर्गेश, डॉ हर्षिता, डॉ सूर्य बली सिंह, दिव्यानशू, जयेश, ब्रजेश, उपेंद्र एवं कृषक उपस्थित रहे। डॉ सिंह ने बताया कि धान के पौधों को लाइन में लगाने से ज्यादा फायदा होता है एवं उत्पादन भी अधिक मिलता है। जब धान में खरपतवार निकालने होते हैं, तो उनको कोनो वीडर चला करके बड़े आसानी से नियंत्रित किया जा सकता है। दो पंक्तियों के बीच में समान दूरी होती है जिससे हवा का प्रवाह आसानी से होता है, जिसके कारण कीटों व रोगों का प्रकोप कम होता है एवं सूर्य प्रकाश भी अधिक मिलता है।जिसके परिणाम स्वरूप अधिक उत्पादन मिलता है। केंद्र पर चल रहे गुणवत्ता युक्त धान का बीज उत्पादन प्रशिक्षण में आए हुए प्रशिक्षणार्थियो को भी लाइन विधि से लगाए जाने के तरीके के बारे में जानकारी दी गयी। प्रक्षेत्र प्रबंधक डॉ सूर्य बली सिंह ने बताया कि गत वर्ष भी केंद्र पर लाईन से धान की रोपाई की गयी थी उसमे सबसे अधिक उत्पादन प्राप्त हुआ था। डॉ मनीष ने बताया की लाईन विधि से लगाने से पौधों की संख्या पर्याप्त लग जाती है। डॉ हर्षिता ने बताया की जब खेत मे बाली निकलने की अवस्था उस समय फ़ुदका कीट का कम प्रकोप होता है। डॉ दुर्गेश ने बताया कि खेत मे आशानी से पोषक तत्व प्रबंधन किया जा सकता है। डॉ अरुण ने बताया कि इस विधि से कम बीज व पौध की आवश्यकता है।

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