पार्वत रावत (NNI Coverage ब्यूरो/प्रतिनिधि)
देहरादून, उत्तराखंड। प्रदेश के सहकारिता, शिक्षा एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ धनसिंह रावत जी का ड्रीम प्रोजेक्ट पहाड़ी उत्पादों एवं मोटे अनाज से किसानों की आर्थिकी में सुधार एवं उन्हें रोजगार उपलब्ध करवाना है।
बता दें कि भारत सरकार एवं माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में भारत की अगुवाई में सम्पूर्ण विश्व वर्ष 2023 को मिलेट मिशन वर्ष मना रहा है । इसके लिए उत्तराखंड राज्य की सबसे बड़ी नोडल एजेंसी यूसीएफ पूरे प्रदेश को सहकार से समृद्धि की ओर ले जा रहा है। सहकारिता मंत्री डॉ धनसिंह रावत द्वारा मोटे अनाज को राशन वितरण प्रणाली व मध्यान्ह भोजन योजना में शामिल करने के निर्देश दिए गए हैं । खासकर पर्वतीय जनपदों में इसके लिए लम्बे समय से गोदाम भवन की आवश्यकता पड़ रही थी , माननीय मंत्री डॉ धनसिंह रावत ने यूसीएफ गोदाम भवन निर्माण के लिए लगभग 1 करोड़ की राशि स्वीकृत कर किसानों से प्रत्यक्ष तौर पर लाभान्वित करने का कार्य किया है।
वर्ष 2022 में सबसे बड़ी नोडल एजेंसी यूसीएफ ने पहाड़ी किसानों से मिलेट्स 4860 किसानों से 14093.16 कुंतल खरीदा ।जिसमें 504953326.5 रु का भुगतान किया गया। पहाड़ी मोटे अनाज की मांग एवं यूसीएफ के कार्य को देखते हुए नाबार्ड भी मोटे अनाज को प्रोत्साहित कर रहा है। यूसीएफ की प्रबन्ध निदेशक रमिन्द्री मन्द्रवाल का कहना है कि कोपरेटिव विभाग का न्याय पंचायत स्तर पर कर्मचारी अधिकारी खरीद के लिए गम्भीरता से कार्य कर रहा है ,मां प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विजन को इस विजन को पूर्ण किया जा रहा है जिससे मिलेट्स की खरीद से किसानों की आमदनी बढ़ी है। कहा है कि मिलेट मिशन ने मडुवा की दरें वर्ष 2023-24 के लिए 38.46 रू कर दिए हैं जबकि अन्य फसलों की नए दरें शीघ्र ही घोषित की जाएगी। वहीं अध्यक्ष मातवर सिंह रावत का कहना है कि किसानों को मोटे अनाज व मिलेट्स को बेचने पर सहूलियत मिलेगी व उनके उत्पाद सुरक्षित रहेंगे। गोदाम भवन निर्माण का कार्य अंतिम चरण में है इसके लिए उन्होंने पूरे गढ़वाल मंडल की ओर से माननीय मंत्री डॉ धनसिंह रावत का आभार एवं धन्यवाद ज्ञापित भी किया।


No comments:
Post a Comment