ध्यान प्रकाश श्रीवास्तव (ब्यूरो NNI Coverage समाचार सेवा)
बहराईच, उ० प्र०। जनपद के जन जीवन मे बसा जीवनदायिनी रामायणकालीन सरयू नदी के पुनरोद्धार साफ सफाई व धार्मिक दृष्टिकोण से तटीय इलाकों में स्थित मंदिरों व पूजा स्थलों के जीर्णोद्धार हेतु तमाम सामाजिक संगठनों से जुड़े पदाधिकारियों ने वन एवं पर्यावरण मंत्री उत्तर प्रदेश सरकार डॉ अरुण कुमार सक्सेना को ज्ञापन देकर तात्कालिक विशेष कार्ययोजना बनाकर कार्य शुरू कराए जाने की मांग की है।वन एवं पर्यावरण मंत्री ने प्रतिनिधि मंडल को सरयू नदी के उदगम स्थल गायघाट में भ्रमण कर सरयू महोत्सव बनाये जाने हेतु सहमति दी है।
महामना मालवीय मिशन के अध्यक्ष (अवध क्षेत्र) संजीव श्रीवास्तव एडवोकेट ने बताया कि वन एवं पर्यावरण मंत्री (उ प्र सरकार) डॉ अरुण कुमार सकसेना को ज्ञापन देखर अवगत कराया गया है कि पौराणिक रामायणकालीन सरयू नदी जोकि प्राचीन काल से ही बहराईच के जन जीवन मे रची बसी रही है और यहाँ के निवासियों के लिए जीवन रेखा मानी जाती रही है अब प्रदूषित होकर गंदे नाले का रूप ले लिया है प्रदूषण के चलते नदी से जलचर प्राणियों का अस्तित्व समाप्तप्रायः हो चुका है नदी के घाटों पर स्थित धार्मिक स्थलों कि दुर्दशा से सनातन धर्मी आस्थावान जन आहत है ऐसे में प्राचीन सरयू नदी के जीर्णोद्धार व पूर्णोधार की तत्काल आवश्यकता है इस संबंध में माननीय मंत्री जी को सामूहिक ज्ञापन सौंपा गया है।रुल ऑफ लॉ सोसाइटी देवी पाटन मंडल अध्यक्ष व नमामि गंगे प्रकल्प संयोजक राकेश चंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि सरयू नदी के तटीय इलाकों में स्थित नानपारा, श्रावस्ती चीनीमिल , गायघाट ,रिसिया और बहराईच के नगरीय क्षेत्र का गंदा व विषाक्त पानी लगातार सरयू नदी में छोड़ा जा रहा है जिसके चलते जन आस्था का प्रतीक सरयू नदी पूर्णतः विषाक्त हो चुकी है यदि सरयू नदी की तत्काल साफ सफाई व जीर्णोद्धार न कराया गया तो नदी का अस्तित्व समाप्त हो जाएगा और यह गंदा नाला बन कर रह जाएगा। ज्ञापन देने वाले प्रमुख लोगो मे से रूल ऑफ लॉ सोसाइटी अवध क्षेत्र संयोजक सोमेश वर्धन सिंह एडवोकेट, उपाध्यक्ष अभिषेक गुप्ता पर्यावरणविद कुमार संभव,समग्र सरिता संयोजक जयति श्रीवास्तव ,उपाध्यक्ष सरदार परविंदर सिंह सम्मी ,पर्यावरणविद अनुज श्रीवास्तव , प्रवक्ता डॉ पंकज श्रीवास्तवआदि लोग शामिल रहे।प्रतिनिधि मंडल ने बताया कि अगस्त माह में सरयू नदी के उदगम स्थल निकट गायघाट मिहिपुरवा में सरयू महोत्सव मनाये जाने की कार्ययोजना बनाई गई है जिसमे वन मंत्री डॉ अरुण कुमार सक्सेना व प्रख्यात पर्यावरणविद व पूर्व नेता सदन विधान परिषद विंध्यवासिनी कुमार के अलावा स्थानीय जन प्रतिनिधि भी उपस्थित रहेंगे तथा सरयू नदी के पूर्णोधार एवं जीर्णोद्धार हेतु सामूहिक कार्ययोजना तैयार की जाएगी व वृहद पैमाने पर स्थानीय जन सहयोग से पंचवटी प्रजाति के पेड़ों का रोपण भी किया जाएगा।

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