Saturday, February 22, 2025

अधिवक्ता संशोधन बिल के असंवैधानिक प्राविधानों के विरुद्ध प्रदर्शन, 25 को कलमबंद

अय्यूब अंसारी (संवाददाता NNI Coverage समाचार सेवा) 

नानपारा, बहराइच। भारत सरकार द्वारा प्रस्तावित अधिवक्ता संशोधन बिल 2025 में संनिहित असंवैधानिक प्राविधानों के विरुद्ध देश भर के अधिवक्ताओं में रोष व्याप्त है। इसी क्रम में भारतीय विधिज्ञ परिषद दिल्ली एवं राज्य विधिज्ञ परिषद उत्तर प्रदेश के आवाहन पर तहसील नानपारा में भी अधिवक्ता संघ द्वारा प्रस्तावित बिल की प्रक्रिया जलाई गई तथा केंद्र सरकार के खिलाफ नारे लगाते हुए अधिवक्ता संशोधन बिल को अधिवक्ताओं के हित में कानून स्थापित करने के बजाय असंवैधानिक संशोधन लाने पर काली पट्टी बाँधकर विरोध जताया गया। तहसील नानपारा परिसर में विरोध प्रदर्शन के दौरान एल्डर कमेटी चेयरमैन रूप नारायण जायसवाल ने कहा कि अधिवक्ता संशोधन बिल में कुछ ऐसे प्रावधान सम्मिलित किए गए हैं जिनसे अधिवक्ताओं का अहित तथा राष्ट्र की एकता अखंडता का खंडित होना संभाव्य है तथा भारत सरकार यह बिल अधिवक्ताओं के लिए दमनकारी है, असंवैधानिक प्रविधानों को वापस लेने के लिए मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी को सौंपा गया है। आगामी 25 फरवरी को कलमबंद हड़ताल कर विरोध जताया जायेगा।


निवर्तमान अध्यक्ष मोहम्मद अरशद, निवर्तमान महामंत्री रामगोपाल वर्मा, वर्तमान अध्यक्ष निरंकार प्रसाद जायसवाल, वर्तमान महामंत्री हरिओम शुक्ला सहित तमाम पदाधिकारी एवं अधिवक्ताओं द्वारा मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन उप जिलाधिकारी नानपारा अंजनी यादव को सौंपा गया, जिसके माध्यम से मांग की गई कि अधिवक्ता संशोधन बिल 2025 में संनिहित असंवैधानिक प्राविधानों को निरस्त किया जावे ताकि अधिवक्ता निडर होकर वादकारियों की ओर से परवी करें तथा सुरक्षा की भावना का एहसास बना रहे। प्रदर्शन के दौरान निर्मल श्रीवास्तव, ध्यान प्रकाश श्रीवास्तव, ओंकार नाथ मिश्रा, पति राम गौतम चंद्रिका यादव, आत्म प्रकाश श्रीवास्तव, नंदलाल शिल्पकार, मनीष मिश्रा, प्रेम कुमार त्रिपाठी, प्रेम श्रीवास्तव, गिरधारी वर्मा, धीरेन्द्र सिंह सहित तमाम अधिवक्ता सम्मिलित हुए।

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