ध्यान प्रकाश श्रीवास्तव (NNI Coverage ब्यूरो/संचालक)
नानपारा, बहराइच। जिलाधिकारी मोनिका रानी तहसील नानपारा में औचक निरिक्षण हेतु पहुंची, इस दौरान अधिवक्ता संघ नानपारा ने न्यायिक कार्यों में सुधार के लिए जिलाधिकारी को 10 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा है। अध्यक्ष निरंकार प्रसाद जायसवाल और महामंत्री हरिओमशंकर शुक्ला के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने कई समस्याएं उठाई। मांगपत्र के मुताबिक तहसील में बैनामा, वसीयतनामा और वरासत के पंजीयन में महीनों का विलंब हो रहा है, इस कारण नामांतरण के मामले जटिल हो गए हैं। लेखपाल दाखिल खारिज के मामलों में समय पर रिपोर्ट नहीं दे रहे हैं। सबरजिस्ट्रार कार्यालय में बैनामा नामांतरण रजिस्टर अपडेट नहीं हो रहा है। मुकदमो की सुनवाई के लिए बोर्ड पर काजलिस्ट चस्पा नहीं की जाती है। न्यायालय में अधिवक्ताओं के बैठने की उचित व्यवस्था नहीं है। पुराने मुकदमों का निस्तारण लंबित है। खतौनी में अंश निर्धारण में त्रुटियां हैं जिसे सुधारा जाना आवश्यक है। अवैध विधि व्यवसाय कर रहे दलालों पर कार्रवाई की मांग की गई। कर्मचारियों की कमी से वादों की कार्यवाही प्रभावित हो रही है। तहसील में पेयजल की व्यवस्था भी नहीं है। मांग पत्र सौंपते समय पतीराम गीतम, टीकाराम मिश्रा, प्रमोद कुमार गुप्ता, रामनिवास वर्मा, मगन विहारी, शैलेन्द्र सोनकर और प्रेम कुमार श्रीवास्तव समेत अन्य अधिवक्ता उपस्थित थे। अधिवक्ता संघ नानपारा ने सभी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई की अपेक्षा जताई है।
नानपारा तहसील निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने तहसील के सभी कर्मचारियों और अधिकारियों के साथ कार्यों की समीक्षा की। समीक्षा के दौरान मटेरा क्षेत्र के लेखपाल नबीउद्दीन की कार्यप्रणाली में गंभीर कमियां पाई गईं। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि लेखपाल नबीउद्दीन अपने क्षेत्र के कार्यों में रुचि नहीं ले रहे हैं। वह ग्रामीणों की शिकायतों का संज्ञान नहीं ले रहे थे। उन्हें अपने क्षेत्र के मुकदमों की भी जानकारी नहीं थी। इन सभी कमियों को देखते हुए जिलाधिकारी ने लेखपाल को तत्काल प्रभाव से जिला मुख्यालय से सम्बद्ध करने का निर्देश दिया। साथ ही अन्य कर्मचारियों को भी कार्यों में लापरवाही न बरतने की चेतावनी दी।

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