Sunday, May 4, 2025

वन एवं पर्यावरण मंत्री से सरयू नदी तट पर महोत्सव की मांग

पीयूष पोरवाल (NNI Coverage/राजधानी ब्यूरो)

लखनऊ, उ०प्र०। महामना मालवीय मिशन व रूल ऑफ लॉ सोसायटी के प्रतिनिधि मंडल ने वन एवं पर्यावरण मंत्री (उत्तरप्रदेश) अरुण सक्सेना से मिलकर पर्यावरण व जल संरक्षण हेतु तराई इलाकों में अधिकाधिक संख्या में पंचवटी प्रजाति के वृक्षों के रोपण व उनके संरक्षण तथा सरयू नदी के तट पर सरयू महोत्सव आयोजित किए जाने की मांग की है।

महामना मालवीय मिशन अध्यक्ष (अवध) संजीव श्रीवास्तव एडवोकेट ने वन एवं पर्यावरण मंत्री उत्तरप्रदेश सरकार डॉ० अरुण सक्सेना को अवगत कराया कि तराई इलाका हिमालयी नदियों सरयू , राप्ती , घाघरा , गेरुवा , कौडियाला आदि से आच्छादित हैं, सीमावर्ती इलाकों में कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग , बहराइच वन प्रभाग व सुहेलवा वन प्रभाग में बहुतायत में वृक्ष व अन्य प्राकृतिक वनस्पतियां बहुतायत में पाई जाती हैं बावजूद इसके गर्मी के शुरुआती दौर में ही यहां का जलस्तर धीरे धीरे घट रहा है पेय जल की समस्या के अलावा खेती किसानी में भी जल संकट गहरा रहा है इसका एक मात्र कारण तराई इलाकों में पिछले कई दशक से युकलिप्टस प्रजाति के वृक्षों के रोपण व मेंथा प्रजाति के फसलों की अधिकाधिक खेती किया जाना है।

प्रतिनिधि मंडल में शामिल रूप ऑफ लॉ सोसायटी अवध क्षेत्र संयोजक शोमेश वर्धन सिंह एडवोकेट , वरिष्ठ रंग कर्मी पर्यावरण विद दिनेश सिंह , वरिष्ठ अधिवक्ता ज्ञानेंद्र पाण्डेय , समाजसेवी यशवेंद्र विक्रम सिंह , राष्ट्रीय विचार मंच संयोजक कुमार संभव एडवोकेट आदि लोग शामिल थे। वन एवं पर्यावरण मंत्री ने युकलिप्टस प्रजाति के वृक्षों के रोपण व मेंथा प्रजाति के फसल खेती पर प्रभावी अंकुश लगाए जाने हेतु प्रतिनिधि मंडल को आश्वस्त किया है।

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