Monday, July 21, 2025

नामांकन व परीक्षा शुल्क के नाम पर राजकीय इंटर कॉलेज में अवैध उगाही

अरूण राव (राज्य ब्यूरो NNI Coverage समाचार सेवा) 

विद्यालय में में गरीब तबके के छात्र छात्राएं ज्यादा, छलका अभिभावकों का दर्द 

मिहींपुरवा, बहराइच (उ०प्र०)। राजकीय इंटर कॉलेज मधवापुर में प्रधानाचार्य ने प्राइवेट स्कूलों की भांति छात्र छात्राओं पर फीस के लिए दबाव बनाना शुरू कर दिया है। शैक्षणिक गतिविधि को गौड़ बनाकर नामांकन व परीक्षा शुल्क के नाम पर प्रधानाचार्य शकुंतला द्वारा चार-पांच सौ के बजाय बारह से सोलह सौ रुपए तक लिए जाने की सूचना है। नवमीं से बारहवीं तक यानी आमतौर से हायर सेकंडरी के छात्र छात्राओं पर अधिक आर्थिक बोझ डाला गया है। इस संबंध में कुछ छात्रों के अभिभावकों ने नाम न प्रकाशित करने की शर्त पर चर्चा में बताया कि एडमिशन के साथ ही अतिरिक्त फीस जबरन ली गई है जबकि विभाग द्वारा निर्धारित शुल्क सारिणी की कोई जानकारी भी सार्वजनिक नहीं की गई है। विद्यालय का प्रबंधन तंत्र उनसे साफ कह रहा है कि फीस देनी होगी, अन्यथा आगे की पढ़ाई नहीं हो पाएगी। वहीं दूसरी ओर समर कैम्प के लिए शासन व विभाग से आये करीब सत्तर-अस्सी हजार रुपयों का भी बंदरबाँट किया गया है। 

गौरतलब है, ग्रामीण इलाकों में प्राइवेट विद्यालयों की फीस का बोझ नहीं उठा पाने वाले ही आमतौर से सरकारी विद्यालय की शरण लेते हैं, या फिर अधिकांश छात्र छात्राएँ निम्न वर्ग से आते हैं। आज के दौर में जहां राजकीय इंटर कॉलेज के छात्र छात्राओं के कई परिजन आर्थिक तंगी व बेरोजगारी से जूझ रहे हैं, तो उन पर पड़ने वाला फीस का अनावश्यक दबाव भारी पड़ रहा है। पिछले कुछ समय से फीस को लेकर अलग-अलग मामले सामने आ चुके हैं, अभिभावकों ने संबंधित मामले की शिकायत शिक्षा विभाग के अफसरों तक भी आईजीआरएस प्रणाली से पहुंचाई है लेकिन समस्या यह है कि मामले का निपटान विद्यालय के प्रबंधन तंत्र को ही करना है। लिहाजा ग्रामीण अभिभावकों ने उच्चधिकारियों से जांच व आवश्यक कार्यवाही की मांग की है ताकि गरीब छात्र छात्राओं को मदद मिल सके व आसानी से उनकी शिक्षा पूरी हो।

इस संबंध में शिक्षा विभाग के उच्चाधिकारियों से बात की गई तो उन्होंने कहा कि विभाग की ओर से नामांकन व परीक्षा के लिए जो फीस तय है वही फीस छात्रों से ली जानी चाहिए, इसके अलावा कोई अगर किसी तरह का शुल्क वसूल रहा है तो गलत है, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।

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