"नीट परीक्षा में नाकाम रहने पर पहले बेटे और फिर पिता ने की आत्महत्या"
"नीट परीक्षा में नाकाम रहने पर पहले बेटे और फिर पिता ने की आत्महत्या"
ध्यान प्रकाश श्रीवास्तव (NNI Coverage ब्यूरो/संचालक)
चेन्नई, तमिलनाडु। राज्य में नीट की परीक्षा देने और सरकारी मेडिकल कॉलेज में सीट न मिलने पर आत्महत्या करने वाले छात्रों की लिस्ट बहुत लंबी है। लेकिन पहली बार ये हुआ कि एक छात्र के साथ-साथ पिता ने भी आत्महत्या कर ली। चेन्नई के क्रोमपेट में रहने वाले पेशे से फ़ोटोग्राफ़र सेल्वसेकर ने बुधवार को अपने घर पर आत्महत्या कर लिया। उनके घर के बाहर आंसुओं से डबडबाई आंखें लिए उनके दोस्त खड़े हैं। ये दोस्त शनिवार को सेल्वसेकर के बेटे की आत्महत्या के बाद उन्हें सांत्वना देने पहुँचे थे, लेकिन अब वो अपने उसी दोस्त के अंतिम संस्कार में भी शामिल हो रहे हैं।
अपनी पत्नी से अलग हो चुके सेल्वसेकर अपने इकलौते बेटे के साथ रहते थे। उनके बेटे जगदीश्वरन ने सीबीएसई स्कूल से 12वीं क्लास में 500 में से 424 अंक हासिल किए। इसके बाद जगदीश्वरन ने पिछले दो सालों तक नीट की परीक्षा दी। चाहत थी एक मेडिकल कॉलेज में प्रवेश पाना, लेकिन उनका नीट स्कोर सरकारी कॉलेज में प्रवेश पाने के लिए पर्याप्त नहीं था।
NNI Coverage की ओर से एक अपील
आत्महत्या एक गंभीर मनोवैज्ञानिक और सामाजिक समस्या है। अगर आप भी तनाव से गुजर रहे हैं तो भारत सरकार की जीवनसाथी हेल्पलाइन 18002333330 से मदद ले सकते हैं। आपको अपने दोस्तों और रिश्तेदारों से भी बात करनी चाहिए। (गुरुवार, 17 अगस्त 2023)
"नागरिकता संशोधन बिल पर बांग्लादेश विदेशमंत्री ने दिया बड़ा बयान"
श्रीमती आर लक्ष्मी (NNI Coverage : GMC)
नई दिल्ली/भारत। नागरिकता संशोधन विधेयक 2019 (Citizenship Amendment Bill 2019) पास हो जाने के बांग्लादेश के विदेश मंत्री डॉक्टर एके अब्दुल मोमेन का बड़ा बयान सामने आया है। अब्दुल मोमेन ने कहा है कि बांग्लादेश का साम्प्रदायिक सौहार्द अच्छा है। अगर गृह मंत्री अमित शाह कुछ महीने बांग्लादेश में ठहरते हैं तो वे हमारे देश में शानदार भाईचारा देखेंगे।
उन्होंने यह भी कहा है कि नागरिकता संशोधन विधेयक से हमारे लिए कोई परेशानी वाली बात नहीं है। भारत का एक दोस्त देश होने के नाते हम यह उम्मीद करते हैं कि भारत ऐसा कुछ नहीं करेगा जिससे हमारा दोस्ताना संबंधों पर असर पड़ेगा। नागरिकता संशोधन विधेयक 2019 (Citizenship Amendment Bill 2019) में अफगानिस्तान, बांग्लादेश और पाकिस्तान से धार्मिक प्रताड़ना के कारण भारत आए हिन्दू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई समुदायों के लोगों को भारतीय नागरिकता प्रदान करने का प्रावधान है। (12 दिसंबर 2019)
"देश का सबसे अहम फैसला आज, क्या सुप्रीमकोर्ट से बनेगा राममंदिर?"
श्रीमती आर लक्ष्मी (NNI Coverage : GMC)
नई दिल्ली / भारत। अयोध्या मामले पर आज (शनिवार) को आने वाले फैसले के मद्देनजर उत्तर प्रदेश, दिल्ली, मध्य प्रदेश, जम्मू और कर्नाटक में स्कूल और शैक्षणिक संस्थान बंद करने के निर्देश दिए गए हैं। उत्तर प्रदेश में स्कूल और कॉलेज शनिवार से सोमवार तक बंद रहेंगे। वहीं बाकी राज्यों में शनिवार को ही शैक्षणिक संस्थान बंद रखने का आदेश है। उत्तर प्रदेश के अपर मुख्य सचिव सूचना और गृह ने शुक्रवार रात बताया कि उत्तर प्रदेश के सभी स्कूल, कॉलेज और शिक्षण संस्थान 9 नवंबर से 11 नवंबर तक बंद रहेंगे।
दिल्ली में सभी निजी स्कूलों को बंद रखने की सलाह दी गई है और सभी सरकारी स्कूल महीने का दूसरी शनिवार होने की वजह से वैसे ही बंद रहेंगे। दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने शुक्रवार रात ट्वीट किया, '‘कल सुबह अयोध्या मामले पर उच्चतम न्यायालय के फैसले को देखते हुए सुरक्षा चिंताएं हैं सभी सरकारी स्कूल और कई निजी स्कूल कल बंद हैं क्योंकि महीने का दूसरा शनिवार है। हम सभी निजी स्कूलों को भी कल बंद रखे जाने की सलाह दे रहे हैं।'' उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य के लोगों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने और शांति और सद्भाव बनाए रखने की अपील की है. यूपी सरकार की एक विज्ञप्ति में कहा गया है कि मुख्यमंत्री ने कहा है कि प्रशासन राज्य में कानून व्यवस्था बनाए रखने और अपने लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। कानून और व्यवस्था को बिगाड़ने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
सुप्रीम कोर्ट शनिवार को सुबह 10:30 बजे अयोध्या विवाद पर अपना ऐतिहासिक फैसला सुनाएगा. मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पांच-न्यायाधीशों की संविधान पीठ ने 16 अक्टूबर को 40 दिनों की मैराथन सुनवाई के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था. इससे पहले आज उन्होंने उत्तर प्रदेश के शीर्ष अधिकारियों से इस संबंध में कानून-व्यवस्था की व्यवस्था पर चर्चा की. बेंच के अन्य सदस्य जस्टिस एसए बोबडे, डी वाई चंद्रचूड़, अशोक भूषण और एस अब्दुल नाज़ेर हैं। सुरक्षा के मद्देनजर देश के तमाम राज्यों से सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं. उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगभग 12,000 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है. अयोध्या में स्थिति की निगरानी के लिए ड्रोन के साथ बहुस्तरीय सुरक्षा उपाय किए गए हैं. अयोध्या पुलिस ने एक मोबाइल एप्लिकेशन शुरू किया है, जिसके जरिए वे 16,000 स्वयंसेवकों की मदद से जमीनी स्थिति की निगरानी करेंगे। (09 नवंबर 2019)
"राममंदिर पर सुप्रीमकोर्ट में सुनवाई पूरी, 23 दिन में होगा फैसला"
श्रीमती आर लक्ष्मी (NNI Coverage : GMC)
नई दिल्ली / भारत। सुप्रीम कोर्ट की पांच सदस्यीय संविधान पीठ ने दशकों पुराने राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद भूमि विवाद पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला 17 नवंबर के पहले किसी भी दिन आ सकता है। मालूम हो कि चीफ जस्टिस रंजन गोगई 17 नवंबर को सेवानिवृत्त हो रहे हैं। सुनवाई की आखिरी दिन सुप्रीम कोर्ट में ऐसा हुआ जो संभवत: पहले कभी नहीं हुआ। मुस्लिम पक्ष केवकील राजीव धवन ने अखिल भारतीय हिन्दू महासभा द्वारा पेश किए उस नक्शे को भरी अदालत में फाड़ दिया जिसमें जिसमें भगवान राम का सटीक जन्मस्थान होने का दावा किया गया था। धवन ने न सिर्फ इस नक्शे को मानने से इनकार कर दिया बल्कि उस नक्शे को फाड़ दिया।
चीफ जस्टिस रंजन गोगई, जस्टिस एसए बोबडे, जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस अशोक भूषण और जस्टिस एस अब्दुल नजीर की संविधान पीठ के समक्ष बुधवार को सभी पक्षों की दलीलें पूरी हो गई, जिसकेबाद पीठ ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया। बुधवार को सुनवाई की शुरुआत में ही में चीफ जस्टिस ने साफ कर दिया था कि सुनवाई किसी भी हालत में शाम पांच बजे पूरी हो जाएगी। लेकिन निर्धाधित समय से करीब एक घंटा पहले ही बहस पूरी हो गई। इसके अलावा पीठ ने सभी पक्षों से तीन दिनों के भीतर मोल्डिंग ऑफ रिलीफ पर अपना-अपना लिखित पक्ष पेश करने का निर्देश दिया है। पीठ ने स्पष्ट कर दिया है कि अब कोई मौखिक बहस नहीं होगी।
40 दिनों तक चली अयोध्या मामले की सुनवाई इस मायने में भी महत्वपूर्ण है कि यह सुप्रीम कोर्ट के इतिहास में केश्वानंद भारती मामले केबाद दूसरा ऐसा मामला है जिसकी सुनवाई 40 दिनों तक चली। 13 सदस्यीय संविधान पीठ ने केश्वानंद भारती मामले पर 62 दिन सुनवाई की थी।अयोध्या भूमि विवाद मामला सुप्रीम कोर्ट में वर्ष 2010 से सुप्रीम कोर्ट में लंबित था लेकिन इसकेमेरिट पर सुनवाई इसी वर्ष छह अगस्त से सुनवाई शुरू हुई थी। मालूम हो कि इलाहाबाद हाईकोर्ट ने वर्ष 2010 में 2.77 एकड़ वाली विवादित जगह को सुन्नी वक्फ बोर्ड, निर्माही अखाड़ा और रामलला के बीच बराबर-बराबर बांटने का आदेश दिया था। हाईकोर्ट के इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में 14 अपील दायर की गई है और यह मामला पिछले नौ वर्षों से सुप्रीम कोर्ट में लंबित था। मुस्लिम और हिंदू पक्ष ने अपनी-अपनी दलीलें अदालत के सामने पेश कीं। इस दौरान कोर्टरूम में ड्रामा देखने को मिला। मुस्लिम पक्ष के वकील राजीव धवन ने हिंदू महासभा के वकील द्वारा पेश किए गए नक्शे को फाड़ दिया। इससे पहले मंगलवार को सीजेआई ने कहा था कि सभी पक्ष 16 अक्तूबर तक मामले से संबंधित दलीलें पेश कर दें क्योंकि फिर उन्हें फैसला लिखने में चार सप्ताह का समय लगेगा। मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई ने अयोध्या मामले में एक पक्ष हिंदू महासभा के हस्तक्षेप के आवेदन को खारिज करते हुए कहा, 'यह मामला शाम को खत्म हो जाएगा। बहुत हो चुका। हम और समय नहीं देंगे।' (16 अक्टूबर 2019)
"अयोध्या मामले मेंचीफ जस्टिस ने सुनवाई की डेडलाइन तय की"
श्रीमती आर लक्ष्मी (NNI Coverage : GMC)
इलाहाबाद, उ0प्र0। अयोध्या मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा दलीलें पूरी करने के लिए डेडलाइन तय किए जाने से नवंबर तक फैसला आने की उम्मीद बढ़ गई है। चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने बुधवार को 18 अक्टूबर तक दलीलें पूरी करने की डेडलाइन तय कर दी। मध्यस्थता की कोशिशों पर सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा कि इसे समानांतर रूप से जारी रखा जा सकता है पर इसके लिए सुनवाई को रोका नहीं जाएगा।
दोनों पक्षों के वकीलों राजीव धवन और सीएस वैद्यनाथ के द्वारा दिए गए टेंटेटिव अवधि को देखने के बाद सीजेआई ने कहा कि ऐसा लगता है कि अयोध्या मामले की सुनवाई 18 अक्टूबर 2019 तक पूरी हो जाएगी। सीजेआई ने कहा कि सभी पक्ष अपनी दलीलें 18 अक्टूबर तक पूरी कर लें। उन्होंने संकेत दिया कि अगर समय कम रहा तो हम शनिवार को भी मामले की सुनवाई कर सकते हैं। दरअसल, अयोध्या भूमि विवाद की सुनवाई अगर 18 अक्टूबर तक पूरी हो जाती है तो सुप्रीम कोर्ट को जजमेंट लिखने में 1 महीने का समय लगेगा। ऐसे में माना जा रहा है कि नवंबर महीने में कभी भी देश की राजनीतिक और सामाजिक व्यवस्था के लिहाज से संवेदनशील इस मामले पर फैसला आ सकता है। आपको बता दें कि सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस 17 नवंबर को रिटायर होने वाले हैं। ऐसे में उनके रिटायरमेंट से पहले फैसला आने की संभावना बढ़ गई है। (18 सितंबर 2019)
"पीएम की पत्नी जशोदाबेन से मिलने दौड़ पड़ीं सीएम ममता"
रीना साहा (NNI Coverage राज्य ब्यूरो)
कोलकाता/पश्चिम बंगाल। प्रधानमंत्री मोदी की धुर विरोधी आलोचक और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार को उनकी पत्नी जशोदाबेन से कोलकाता एयरपोर्ट पर मुलाकात की। यह अचानक में हुई मुलाकात थी। दरअसल, पीएम मोदी की पत्नी जशोदाबेन झारखंड के धनबाद की दो दिनों की यात्रा के बाद वापस लौट रही थीं। इसी दौरान एयरपोर्ट पर उन्हें देखते ही सीएम ममता बनर्जी दौड़कर उनसे मिलने पहुंच गईं। खबरों के मुताबिक दोनों के बीच सुखद बातचीत हुई और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने जशोदाबेन को एक साड़ी भेंट की। बताया गया कि, ‘‘यह अचानक हुई मुलाकात थी, उनके बीच अभिवादन का आदान-प्रदान हुआ। मुख्यमंत्री ने उन्हें एक साड़ी उपहार में दी।’’
बता दें कि ममता बनर्जी आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करने वाली हैं और इस दौरान वह राज्य के बकाया कोष जैसे कई मुद्दों को उठायेंगी। जानकारी दें कि जशोदाबेन ने सोमवार को पश्चिम बंगाल के पश्चिम बर्धमान जिले के आसनसोल में कल्याणेश्वरी मंदिर में पूजा की। आसनसोल धनबाद से करीब 68 किलोमीटर दूर है। (18 सितंबर 2019)
"वायुसेना में आज शामिल होंगे 8 अपाचे लड़ाकू हेलीकॉप्टर"
श्रीमती आर लक्ष्मी (GMC : NNI Coverage)
देश के दुश्मनों की नींद उड़ने वाली है क्योकि भारतीय वायुसेना अब और भी मजबूत होने जा रही है। आज भारतीय वायुसेना के बेड़े में दुनिया के सबसे बेहतरीन लड़ाकू विमानों में से एक अपाचे हेलीकॉप्टर शामिल होने जा रहा है। दरहसल, अमेरिका निर्मित ये अपाचे हेलिकॉप्टर AH-64E दुनिया का सबसे एडवांस मल्टी रोल कॉम्बेट हेलीकॉप्टर है। भारत और अमेरिका के बीच सितंबर, 2015 में एक बड़ी डील हुई थी, जिसके तहत 22 हेलिकॉप्टर भारत को मिलने वाले हैं। इससे पहले 27 जुलाई को 4 हेलिकॉप्टर मिल चुके हैं, अब 8 हेलिकॉप्टर मंगलवार को मिल रहे हैं।
वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल बी एस धनोआ आज पंजाब के पठानकोट एयरबेस पर 8 अपाचे हेलिकॉप्टर को शामिल कराएंगे। ये वही पठानकोट एयरबेस है जहां पर 2016 में पाकिस्तान से आए आतंकियों ने हमला किया था।
क्या खूबी है इस हेलिकॉप्टर में?
60 फुट ऊंचे और 50 फुट चौड़े अपाचे हेलिकॉप्टर को उड़ाने के लिए 2 पायलट होने जरूरी हैं। अपाचे हेलिकॉप्टर के बड़े विंग को चलाने के लिए 2 इंजन होते हैं, इस वजह से इसकी रफ्तार बहुत ज्यादा है। 2 सीटर इस हेलिकॉप्टर में हेलिफायर और स्ट्रिंगर मिसाइलें लगी हुई हैं। इसमें एक सेंसर भी लगा है, जिसकी वजह से ये हेलिकॉप्टर रात में भी ऑपरेशन को अंजाम दे सकता है। 365 KM। घंटे की रफ्तार से उड़ान भरने वाले इस हेलिकॉप्टर में 30 ML की दो गन लगी हुई हैं। इस हेलिकॉप्टर की अधिकतम स्पीड 280 किलोमीटर प्रति घंटा है। अपाचे हेलिकॉप्टर का डिजाइन ऐसा है कि इसे रडार पर पकड़ना मुश्किल होता है। (03 सितम्बर 2019)
"पाकिस्तान ने की ना-पाक हरकत, किया सीजफायर उल्लंघन"
श्रीमती आर लक्ष्मी (GMC : NNI Coverage)
पाकिस्तान अपनी ना-पाक हरकत से बाज नहीं आया। पाकिस्तानी सेना ने 15 अगस्त के दिन भी सीजफायर का उल्लधंन किया। पाकिस्तान ने जम्मू कश्मीर में एक बार फिर संघर्ष विराम का उल्लंघन करते हुए गोलीबारी की, हालांकि सीजफायर उल्लंघन में पाकिस्तान के तीन जवान मारे गए। वहीं भारत ने पाकिस्तानी सेना के उस दावे को झूठा बताया है, जिसमें दावा किया गया है कि सीजफायर के उल्लघंन में भारतीय सेना के 5 जवान मारे गए। जम्मू कश्मीर के पूंछ में केजी सेक्टर में पाकिस्तान ने संघर्ष विराम का उल्लंघन करते हुए फायरिंग शुरू कर दी। वहीं उरी और राजौरी में भी पाकिस्तान की ओर से सीजफायर का उल्लंघन किया गया है। सीजफायर उल्लंघन में पाकिस्तान की तरफ से गोलीबारी की गई।
वहीं भारतीय सेना की ओर से इसका मुंहतोड़ जवाब दिया गया। इस कार्रवाई में पाकिस्तानी सेना के तीन जवान मारे गए। गौरतलब है कि जम्मू कश्मीर से धारा 370 हटाए जाने के बाद से पाकिस्तान की बौखलाहट जारी है। धारा 370 हटाए जाने के बाद से आतंकियों के जरिए हिंसा फैलाने की भी आशंका है। भारतीय सेना के नॉर्दर्न कमांड के चीफ ले. जनरल रणबीर सिंह ने कहा है कि पिछले कुछ दिनों में पाकिस्तान की ओर से लगातार फायरिंग की गई है। इसकी आड़ में पाक सेना की घुसपैठ कराने की कोशिश कर रही है लेकिन भारतीय सेना पूरी तरह से अलर्ट है और घुसपैठ की कोशिशों को नाकाम कर दिया गया है। सिंह ने कहा कि पिछले कुछ दिनों में घुसपैठ कराने के लिए पाकिस्तान सेना सीजफायर उल्लंघन का सहारा ले रही है। (16 अगस्त 2019)
"अनुच्छेद 370 को लेकर पाक ने सुरक्षा परिषद को लिखा पत्र"
श्रीमती आर लक्ष्मी (GMC : NNI Coverage)
नई दिल्ली/भारत। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की अध्यक्ष जोआना रोनेका ने उन दावों पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया कि जम्मू कश्मीर के विशेष दर्जे को हटाकर भारत ने सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों का उल्लंघन किया है। जब रोनेका से एक प्रेस ब्रीफिंग में प्रतिक्रिया मांगी गई तो उन्होंने कहा, “कोई टिप्पणी नहीं।” इस महीने की शुरुआत में, पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस को लिखा था कि जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 को रद्द करना यूएनएससी प्रस्ताव का उल्लंघन है। इससे पहले, गुटेरेस ने भारत और पाकिस्तान दोनों से “अधिकतम संयम” बरतने की अपील की और कहा कि वह गंभीरता के साथ क्षेत्र में घटनाक्रमों पर नजर रख रहे हैं।
एक बयान में संयुक्त राष्ट्र महासचिव के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने कहा, “महासचिव भारत और पाकिस्तान के बीच द्विपक्षीय संबंधों पर 1972 के समझौते को भी याद करते हैं, जिसे शिमला समझौते के रूप में भी जाना जाता है। इसमें कहा गया है संयुक्त राष्ट्र के चार्टर के अनुसार जम्मू और कश्मीर के फाइनल स्टेटस को शांतिपूर्ण तरीकों से तय किया जाना है।” बयान में कहा गया कि महासचिव ने सभी दलों से जम्मू-कश्मीर की स्थिति को प्रभावित करने वाले कदम उठाने से परहेज करने का आह्वान किया। भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव तब बढ़ा जब भारतीय संसद ने मंगलवार को अनुच्छेद 370 को हटाने और जम्मू-कश्मीर को दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित करने वाले विधेयक को संसद में पारित किया। नई दिल्ली के फैसलों से निराश इस्लामाबाद ने इस कदम को “खारिज” कर दिया और कहा कि वह इस फैसले को निरस्त कराने के लिए सभी संभव प्रयास करेगा।
गौरतलब है कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान (Imran Khan) की अध्यक्षता में हुई नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल की बैठक में भारत से राजनयिक संबंधों का स्तर घटाने का फ़ैसला लिया गया। इसके तहत पाकिस्तान भारत में अपने उच्चायुक्त को वापस बुला रहा है और उसने पाकिस्तान में भारतीय उच्चायुक्त को वापस भेजने का फ़ैसला किया है। इसके द्विपक्षीय व्यापार को भी रोकने का फैसला किया गया है। अंतर्राष्ट्रीय समुदाय ने दोनों देशों से संयम बरतने और यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया है कि नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर शांति और स्थिरता बनी रहे। (9अगस्त 2019)
"रेलवे का बड़ा एलान : ट्रेन और स्टेशन पर फ्री होगा खाना"
श्रीमती आर लक्ष्मी (GMC : NNI Coverage)
नई दिल्ली/भारत। रोजाना लाखों लोग ट्रेन में सफर करते हैं। ऐसे में मोदी सरकार ने ट्रेनों में मिलने वाली सुविधाओं और साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिया है। भारतीय रेल को अगर हिंदुस्तान के लोगों की लाइफलाइन कहें, तो गलत नहीं होगा। रोजाना लाखों लोग ट्रेन में सफर करते हैं। ऐसे में मोदी सरकार ने ट्रेनों में मिलने वाली सुविधाओं और साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिया है। भारतीय रेलवे ने कई बड़े बदलाव किए हैं, जिनका यात्रियों को सीधा फायदा पहुंचा है। अब रेल मंत्रालय ने ट्रेन और स्टेशनों पर सामान बेचने वालों पर नकेल कसने का फैसला किया है। रेल मंत्री पीयूष गोयल ने एक वीडियो सोशल मीडिया में शेयर किया है, जिसमें उन्होंने कहा कि अगर कोई सामान बेचने वाला आपको बिल नहीं देता है, तो उसके पैसे देने की भी जरूरत नहीं है। वो सामान आपके लिए फ्री होगा। ट्रेन में सफर करने वाले लाखों लोगों के लिए रेल मंत्रालय द्वारा लिया गया, ये एक बड़ा* फैसला किया है। रेलवे ने 'नो बिल, नो पेमेंट' की नीति गुरुवार को पूरी तरह से सभी स्टेशनों और ट्रेनों में लागू कर दी है। इसके तहत स्टेशन या ट्रेन में सामान बेचने वाला कोई वेंडर आपको बिल नहीं देता है, तो खरीदा गया सामान पूरी तरह मुफ्त होगा। इससे सही दाम पर यात्रियों को सामान मिलेगा और भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी। अगर सख्ती से लागू होता है, तो मोदी* सरकार का ये कदम काबिले तारीफ है। पीयूष गोयल ने इस योजना को अच्छी तरह से समझाने के लिए एक वीडियो भी अपने ट्विटर हैंडल पर शेयर किया है। रेल मंत्री ने लिखा, 'रेलवे द्वारा No Bill, No Payment की नीति अपनाते हुए विक्रेताओं द्वारा ग्राहकों को बिल देना अनिवार्य किया गया है। ट्रेन अथवा रेलवे प्लेटफॉर्म पर यदि कोई विक्रेता आपको बिल देने से इंकार करता है तो आपको उसे पैसे देने की आवश्यकता नहीं है।'
ट्रेन और प्लेटफॉर्मों पर आए दिन वेंडरों की मनमानी की शिकायतें मिलती रहती हैं। आमतौर पर वेंडर पानी की बोतलों की कीमत से ज्यादा पैसे वसूलते थे और खाद्य सामग्री को लेकर कई जगह कोई तय कीमत नहीं होती थी। हालांकि, रेलवे की सख्ती के बाद अब वेंडरों को 5 रुपये की चीज का भी बिल देना पड़ेगा और पारदर्शिता आएगी। इसका सीधा फायदा रोजाना ट्रेन में सफर करने वाले लाखों लोगों को होगा। ट्रेन अथवा रेलवे प्लेटफार्म पर यदि कोई विक्रेता आपको बिल देने से इंकार करता है तो आप को उसे पैसे देने की आवश्यकता नही है। आमतौर पर लोगों को पता ही नहीं होता है कि वे जिन चीजों को खरीद रहे हैं, उसका असल में दाम कितना है। आपने कभी न कभी ट्रेन में सफर जरूर किया होगा। इस दौरान आपने चाय भी पी होगी। इस एक कम चाय की कीमत वेंडर आमतौर पर 10 रुपये वसूलते हैं। हालांकि, इसकी असली कीमत 7 रुपये है। लोगों की जानकारी नहीं होती और वेंडर भी यात्रियों को बिल नहीं देता, इसलिए ये खेल चलता रहता है। अब अनुमान लगाइए कि एक कप चाय पर तीन रुपये ज्यादा लिए जा रहे हैं, तो प्रतिदिन सिर्फ चाय से कितने लाख रुपये का भ्रष्टाचार हो रहा है। अगर खाने की अन्य चीजों का भी हिसाब लगाए, तो ये गोरखधंधा करोड़ों रुपये का बैठेगा। रेल मंत्रालय ने रोजाना होने वाले करोड़ों रुपये के इसी भ्रष्टाचार को रोकने के लिए 'नो बिल, नो पेमेंट' की नीति शुरू की है। (19 जुलाई 2019)
"चीन ने भी माना वैश्विक मामलों में है भारत का महत्व"
श्रीमती आर लक्ष्मी (GMC : NNI Coverage)
नई दिल्ली/भारत। चीन ने शुक्रवार को कहा कि उसने अंतर्राष्ट्रीय मामलों में भारत की भूमिका और स्थिति को हमेशा महत्व दिया है, वैश्विक मामलों में भारत के द्वारा निभाई गई भूमिका और विश्व में भारत की बढ़ती साख को देखकर बीजिंग ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में गैर-स्थायी सीट के लिए नई दिल्ली की उम्मीदवारी का समर्थन किया है।
सुरक्षा परिषद में अस्थाई सीट के (2021-22) दो साल के कार्यकाल के लिए चीन और पाकिस्तान ने भी भारत की उम्मीदवारी का समर्थन किया है। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गेंग शुआंग ने कहा, “हम भारत की स्थिति और अंतर्राष्ट्रीय और क्षेत्रीय मामलों में उसकी भूमिका को महत्व देते हैं और अंतर्राष्ट्रीय शांति और सुरक्षा को बनाए रखने के लिए भारत के सकारात्मक योगदान के लिए तत्पर हैं।”
उन्होंने कहा बीजिंग ने सुरक्षा परिषद में गैर-स्थायी सदस्यता के लिए भारत उम्मीदवारी को एशिया प्रशांत समूह द्वारा दी गई सर्वसम्मति पर ध्यान दिया है। गौरतलब हैं कि चीन ही स्थायी सदस्यों एक मात्रा ऐसा देश है जिसने भारत की स्थायी सदस्यता का विरोध किया है। इसके अलावा अमेरिका ,रूस ,फ़्रांस ,ब्रिटेन भारत को स्थायी सदस्यता के लिए अपना पूर्ण समर्थन दे चुके है।
इससे पहले मंगलवार को संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थाई प्रतिनिधि सैयद अकबरुद्दीन ने एशिया प्रशांत समूह को करने पर धन्यवाद दिया था उन्होंने ट्वीट कर कहा था ,‘‘सर्वसम्मति से लिया गया फैसला। एशिया-प्रशांत समूह ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में 2021/22 के दो साल के अस्थाई कार्यकाल के लिए भारत की उम्मीदवारी का अनुमोदन सर्वसम्मति से संयुक्त राष्ट्र में किया। सभी 55 सदस्यों को उनके समर्थन के लिए धन्यवाद।’’ (29 जून 2019)
"राम रहीम के पैरोल पर बोले खट्टर, हम किसी को रोक नहीं सकते"
वैशाली पटेल (NNI Coverage राज्य ब्यूरो)
चंडीगढ़, हरियाणा। हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने मंगलवार को कहा कि डेरा सच्चा सौदा प्रमुख एवं बलात्कार-हत्या मामले में दोषी गुरमीत राम रहीम के पैरोल आवेदन पर निर्णय राज्य के हितों को ध्यान में रखते हुए किया जाएगा। खट्टर ने यहां कहा, ‘‘जो कोई भी पैरोल के लिए हकदार है वह मांग सकता है। हम किसी को भी रोक नहीं सकते।’’ उन्होंने यह बात उस संवाददाता सम्मेलन में कही जिसमें इनेलोविधायक जाकिर हुसैन और परमिंदर ढुल भाजपा में शामिल हुए। यह पूछे जाने पर कि उस स्थिति में कौन जिम्मेदार होगा जब यदि डेरा प्रमुख को पैरोल प्रदान करने पर हिंसा भड़क जाए, खट्टर ने कहा, ‘‘आप स्वयं ही निष्कर्ष निकाल रहे हैं जैसे कोई निर्णय कर लिया गया है।’’
बलात्कार के दो मामलों और एक पत्रकार की हत्या मामले में दोषी ठहराये जाने के बाद हरियाणा के रोहतक जिले के सुनरिया जेल में बंद राम रहीम ने सिरसा जिले में अपने खेतों की देखभाल के लिए 42 दिन के पैरोल का अनुरोध किया है। 51 वर्षीय राम रहीम डेरा अनुयायी रंजीत सिंह की हत्या मामले में भी सुनवायी का सामना कर रहा है। इसके साथ ही उस पर अनुयायियों को नपुंसक बनाने का भी एक मामला चल रहा है। राम रहीम को जेल अधीक्षक से एक अनुकूल रिपोर्ट मिली है जिन्होंने कहा कि उसका आचरण अच्छा है और उसने किसी नियम का उल्लंघन नहीं किया है। इससे पहले दिन में सिरसा के उपायुक्त अशोक कुमार गर्ग ने कहा कि चीजें प्रक्रिया में हैं तथा राजस्व एवं पुलिस विभागों से रिपोर्ट मांगी गई हैं। गर्ग ने कहा, ‘‘अभी सिर्फ इतना कह सकता हूं कि चीजें प्रक्रिया में हैं।’’ मुख्यमंत्री खट्टर ने कहा कि किसी भी पैरोल अर्जी में विधिक, प्रशासनिक और अन्य प्रक्रियाएं शामिल होती हैं। उन्होंने कहा कि पैरोल की अर्जी जेल अधीक्षक के समक्ष दायर की जाती है जो उसे संबंधित उपायुक्त को अग्रेषित करता है। उसके बाद पुलिस अधीक्षक से एक रिपोर्ट मांगी जाती है और अंत में मंडल आयुक्त द्वारा सिफारिश की जाती है।
उन्होंने कहा कि मंडल आयुक्त की सिफारिश मिलने के बाद जरूरी होने पर सरकार अपनी भूमिका निभाएगी। उन्होंने कहा, ‘‘यदि सरकार की कोई भूमिका नहीं होगी, वह नहीं निभाएगी।’’ खट्टर ने कहा, ‘‘ऐसा निर्णय किया जाएगा जो कि राज्य के हित में हो। यदि हमें (सरकार) ऐसा कोई निर्णय करना हो जो कि राज्य के हित में नहीं हो तो वह नहीं किया जाएगा।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हमने (पैरोल मुद्दे पर) अभी तक तक कोई निर्णय नहीं किया है।’’ खट्टर ने कहा कि पैरोल मुद्दा डीसी..एसपी स्तर पर है और सिरसा एसपी या डीसी अपनी रिपोर्ट कब सौंपेंगे, इसकी कोई समयसीमा नहीं है। उन्होंने कहा कि एक रिपोर्ट सौंपे जाने पर एक चीजें आगे बढ़ेंगी। सोमवार को सिरसा में पुलिस ने कहा कि वह अर्जी के गुणदोष के आधार पर अपनी रिपोर्ट तैयार करेगी। जिले के एक पुलिस अधिकारी ने पहले कहा था कि राजस्व विभाग यह पता लगाएगा कि डेरा प्रमुख के पास कितनी जमीन है। डेरा का मुख्यालय सिरसा में ही है। अधिकारियों ने बताया कि सिरसा जिला प्रशासन को रोहतक मंडल आयुक्त को एक रिपोर्ट देने को कहा है कि जिसकी एक प्रति जेल अधीक्षक को भी उल्लेखित हो। राम रहीम के मामले में रोहतक आयुक्त को पैरोल अनुरोध पर निर्णय करने में राज्य सरकार की शक्तियों का इस्तेमाल करने का अधिकार है। कोई भी निर्णय करने से पहले सिरसा जिला प्रशासन की सिफारिश ध्यान में रखी जाएगी। (26 जून 2018)
"अग्रिम मोर्चों पर पहुंचे सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत"
श्रीनगर (संसु0) : सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने अग्रिम ठिकानों का दौरा किया। ये ठिकाने जम्मू क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर बनाए गए हैं। उन्होंने किसी भी शत्रुतापूर्ण गतिविधि को विफल करने का भरोसा जताया। रविवार को रक्षा प्रवक्ता ने बताया कि सेना प्रमुख ने जम्मू क्षेत्र में सांबा और रत्नूचक में अग्रिम ठिकानों का दौरा किया और अभियानगत तैनाती और तैयारियों की समीक्षा की। जनरल रावत को राइजिंग स्टार कोर के जनरल ऑफिसर कमांडिंग लेफ्टिनेंट जनरल जे एस नैन ने स्थिति और अभियानगत तैयारियों से अवगत कराया।
प्रवक्ता ने बताया कि सेना प्रमुख ने अग्रिम ठिकानों पर तैनात सैनिकों से भी बात की। जनरल रावत ने देश के दुश्मनों के किसी भी नापाक इरादे को विफल करने और किसी भी स्थिति से निपटने की भारतीय सेनाओं की क्षमताओं पर पूरा भरोसा जताया
प्रवक्ता ने बताया कि सेना प्रमुख ने सैनिकों की तैयारियों के उच्च स्तर की सराहना भी की।
जनरल रावत यहां शनिवार को पहुंचे और नियंत्रण रेखा तथा अंतरराष्ट्रीय सीमा पर मौजूदा स्थिति के मद्देनजर कोर जोन में व्हाइट नाइट कोर मुख्यालय का दौरा किया। उत्तरी क्षेत्र के सैन्य कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल रणबीर सिंह भी उनके साथ थे। सेना प्रमुख को उनके दौरे के दौरान व्हाइट नाइट कोर के जनरल ऑफिसर कमांडिंग लेफ्टिनेंट जनरल परमजीत सिंह ने मौजूदा अभियानगत स्थिति, वर्तमान सुरक्षा परिदृश्य और कोर की अभियानगत तैयारियों से अवगत कराया। पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में बालाकोट स्थित आतंकी संगठन जैश ए मोहम्मद के सबसे बड़े प्रशिक्षण शिविर को भारतीय वायुसेना द्वारा तबाह किए जाने के बाद सेना प्रमुख का क्षेत्र का यह पहला दौरा था। (03 मार्च 2019)
अभिनंदन के साथ कौन है ये महिला, जानकर रह जाएंगे दंग
नई दिल्ली। विंग कमांडर अभिनंदन वर्तमान की वतन वापसी पर पूरा देश खुश से जगमगा रहा है। गिरफ्तारी के बाद शुक्रवार रात 9:10 बजे पाकिस्तानी अधिकारियों ने अमृतसर के अटारी बार्डर पर अभिनंदन को भारत को सौंप दिया हैं। इस समय अभिनंदन के साथ एक महिला भी थीं। लोग जानना चाह रहे हैं। आखिर यह महिला कौन हैं। बता दें कि वह पाकिस्तान के विदेश कार्यालय में निदेशक डॉ फरिहा बुगती हैं। डॉक्टर बुगती एक एफएसपी अधिकारी हैं और अपने विदेश कार्यालय पर भारत के मामलों को संभालने की प्रभारी हैं।
बता दें कि वह पाकिस्तान जेल में बंद कुलभूषण जाधव के मामले को संभालने वाले मुख्य पाक अधिकारियों में से एक हैं। जाधव पर भारतीय जासूस होने का आरोप लगाया गया था। वह पिछले साल इस्लामाबाद में जाधव, उनकी मां और पत्नी के बीच मुलाकात के दौरान भी मौजूद थीं।
सूत्रों के मुताबिक बता दें कि पायलट अभिनंदन वर्तमान शुक्रवार को वाघा बॉर्डर पर भारत को सौंपे जाने में बहुत समय लगा। पाकिस्तानी अधिकारियों की ओर से इस देरी का कारण बार-बार मेडिकल जांच बताया जा रहा था। हालांकि, इसकी सच्चाई अभिनंदन की भारत वापसी से कुछ समय पहले ही सामने आ गई जब पाकिस्तान ने भारतीय विंग कमांडर का एक वीडियो जारी किया।
जानकारी के अनुसार अभिनंदन को भारत के हवाले करने में पाकिस्तान की ओर से देरी इसीलिए हुई क्योंकि पाकिस्तानी अधिकारी उनसे कैमरे पर बयान रिकॉर्ड करवा रहे थे। हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि उन्हें दबाव में कैमरे के सामने बयान देने को कहा गया या नहीं। लेकिन इस वीडियो में दो दर्जन ऐसे कट हैं जो यह संकेत दे रहे हैं कि इसे परोक्ष रूप से पाकिस्तानी रुख के अनुरूप करने के लिए इसमें बहुत काट-छांट की गई।
पाकिस्तान सरकार ने स्थानीय समयानुसार रात साढ़े आठ बजे अभिनंदन का वीडियो संदेश स्थानीय मीडिया में जारी किया। इस वीडियो में अभिनंदन बता रहे हैं कि उन्हें किस तरह गिरफ्तार गया और पाकिस्तानी सेना ने उनके साथ किस तरह व्यवहार किया। वीडियो में अभिनंदन कहते नजर आ रहे हैं कि वह ‘निशाना खोजने के लिए’ पाकिस्तानी हवाई क्षेत्र में घुसे लेकिन उनके विमान को मार गिराया गया।
उन्होंने कहा, जब मैं निशाने की खोज में था तो आपकी (पाकिस्तानी) वायुसेना ने मेरा विमान मार गिराया। मुझे विमान से कूदना पड़ा क्योंकि विमान को बहुत नुकसान हुआ था। जैसे ही मैं बाहर कूदा और जब मेरा पैराशूट खुला, मैं नीचे आकर गिरा, मेरे पास एक पिस्तौल थी वर्तमान ने कहा, ‘वहां कई लोग थे। मेरे पास बचने का एक ही रास्ता था। मैंने अपनी पिस्तौल नीचे गिराकर भागने का प्रयास किया।
उन्होंने कहा, लोगों ने मेरा पीछा किया, तभी वहां, पाकिस्तानी सेना के दो अधिकारी आ गए और मुझे बचा लिया। पाकिस्तानी सेना के कैप्टन ने मुझे लोगों से बचाया और मुझ पर कोई संकट नहीं आने दिया। वे मुझे अपनी यूनिट में ले गए जहां मुझे प्राथमिक उपचार दिया गया और फिर मुझे आगे की मेडिकल जांच के लिए अस्पताल ले जाया गया तथा मेरा और उपचार हुआ।
सूत्रों के अनुसार वीडियो में विंग कमांडर भारतीय मीडिया की आलोचना भी करते नजर आए। वहीं पाक सेना की तारीफ करते हुए वह कह रहे हैं, ‘पाक सेना के जवानों ने मुझे भीड़ से बचाया। पाकिस्तानी सेना बहुत पेशेवर है और मैं इससे बहुत प्रभावित हूं।
भारत का पक्ष है कि अभिनंदन का विमान उस समय गिराया गया जब भारतीय वायुसेना के विमानों ने 27 फरवरी को जम्मू कश्मीर में भारतीय सैन्य प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने के पाकिस्तान वायुसेना के प्रयासों को नाकाम किया था। इससे एक दिन पहले भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के बालाकोट में जैश-ए-मोहम्मद के प्रशिक्षण शिविरों पर आतंक रोधी अभियान चलाया था। (02 मार्च 2019)
नेपाल के पर्यटन मंत्री सहित 7 लोगो की हेलीकॉप्टर दुर्घटना मे मौत।*
नेपालगंजरोड बहराइच बुधवार की सुबह काठमांडू से उड़ा हेलिकॉप्टर नेपाली जिला तेराथुम मे दुर्घटनाग्रस्त हो गया इसमे नेपाल के पर्यटन व संस्कृति मंत्री रवीन्द्र अधिकारी सहित सभी 7 लोगो की मौत हो गई। नेपाल के गृह सचिव प्रेम कुमार राई द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति मे बताया गया कि नेपाल के प्रधान मंत्री केपी शर्मा ओली ने तेराथुम मे बन रहे विमान स्थल का निरीक्षण करने हेतु एक सर्वे टोली 8,30 बजे सुबह रवाना की थी। हेलिकॉप्टर तेराथुम की अठराई गांव सभा के चुहानडाडा मे निर्माणधीन एअरपोर्ट का निरीक्षण कर वापस लौट रहा था ताप्लेजुंग जिले की फुंगलिंग नगरपालिका के वार्ड नंबर 10 के सिस्ने नामक स्थान पर हेलिकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। जिसमे मंत्री रवीन्द्र अधिकारी,यति एअर लाइंस मालिक आंगछिरिंग शेर्पा , वीरेंद्र प्रसाद श्रेष्ठ ,युवराज दहाल,अर्जुनकुमार घिमिरे व नेपाल नागरिक उड्डयन प्राधिकरण के इंजीनियर ध्रुवदास भोछिभया सवार थे। सभी की मौत हो गई। ताप्लेजुंग के डीएसपी संजय सिंह थापा मय फोर्स घटना स्थल की ओर रवाना हो गए। (27 फरवरी 2019)
"अमेरिका ने पाकिस्तान को लगाई फटकार"
नई दिल्ली। आज बुधवार सुबह पाकिस्तान ने भारतीय वायु सीमा का उल्लंघन करके भारतीय सीमा में एफ-16 लड़ाकू विमान से हमला करना चाहा पर जवाबी कार्रवाई में भारतीय वायुसेना ने एफ-16 लड़ाकू विमान को मार गिराया।
इस मामले में अमेरिका ने पाकिस्तान सरकार से सवाल पूछा है कि उसने बिना अनुमति के एफ-16 विमान का प्रयोग सैन्य कार्रवाई के लिए क्यों किया।
साथ ही अमेरिका ने कहा है कि एफ-16 का इस्तेमाल अपने बचाव के लिए कर सकते हैं न कि सैन्य कार्रवाई के लिए। आपको बता दें कि एफ-16 लड़ाकू विमान पाकिस्तान को अमेरिका ने ही दिया है। ऐसे में विमान का इस्तेमाल अमेरिका के नियमों के मुताबिक ही होना चाहिए। अमेरिकी नियमानुसार एफ-16 लड़ाकू विमान का इस्तेमाल आत्मरक्षा के लिए कर सकते है, हमले के लिए नहीं। (27 फरवरी 2019)
चेन्नई, तमिलनाडु। राज्य में नीट की परीक्षा देने और सरकारी मेडिकल कॉलेज में सीट न मिलने पर आत्महत्या करने वाले छात्रों की लिस्ट बहुत लंबी है। लेकिन पहली बार ये हुआ कि एक छात्र के साथ-साथ पिता ने भी आत्महत्या कर ली। चेन्नई के क्रोमपेट में रहने वाले पेशे से फ़ोटोग्राफ़र सेल्वसेकर ने बुधवार को अपने घर पर आत्महत्या कर लिया। उनके घर के बाहर आंसुओं से डबडबाई आंखें लिए उनके दोस्त खड़े हैं। ये दोस्त शनिवार को सेल्वसेकर के बेटे की आत्महत्या के बाद उन्हें सांत्वना देने पहुँचे थे, लेकिन अब वो अपने उसी दोस्त के अंतिम संस्कार में भी शामिल हो रहे हैं।
अपनी पत्नी से अलग हो चुके सेल्वसेकर अपने इकलौते बेटे के साथ रहते थे। उनके बेटे जगदीश्वरन ने सीबीएसई स्कूल से 12वीं क्लास में 500 में से 424 अंक हासिल किए। इसके बाद जगदीश्वरन ने पिछले दो सालों तक नीट की परीक्षा दी। चाहत थी एक मेडिकल कॉलेज में प्रवेश पाना, लेकिन उनका नीट स्कोर सरकारी कॉलेज में प्रवेश पाने के लिए पर्याप्त नहीं था।
NNI Coverage की ओर से एक अपील
आत्महत्या एक गंभीर मनोवैज्ञानिक और सामाजिक समस्या है। अगर आप भी तनाव से गुजर रहे हैं तो भारत सरकार की जीवनसाथी हेल्पलाइन 18002333330 से मदद ले सकते हैं। आपको अपने दोस्तों और रिश्तेदारों से भी बात करनी चाहिए। (गुरुवार, 17 अगस्त 2023)
"देश का सबसे अहम फैसला आज, क्या सुप्रीमकोर्ट से बनेगा राममंदिर?"
"राममंदिर पर सुप्रीमकोर्ट में सुनवाई पूरी, 23 दिन में होगा फैसला"
"अयोध्या मामले मेंचीफ जस्टिस ने सुनवाई की डेडलाइन तय की"
"पीएम की पत्नी जशोदाबेन से मिलने दौड़ पड़ीं सीएम ममता"
रीना साहा (NNI Coverage राज्य ब्यूरो)
कोलकाता/पश्चिम बंगाल। प्रधानमंत्री मोदी की धुर विरोधी आलोचक और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार को उनकी पत्नी जशोदाबेन से कोलकाता एयरपोर्ट पर मुलाकात की। यह अचानक में हुई मुलाकात थी। दरअसल, पीएम मोदी की पत्नी जशोदाबेन झारखंड के धनबाद की दो दिनों की यात्रा के बाद वापस लौट रही थीं। इसी दौरान एयरपोर्ट पर उन्हें देखते ही सीएम ममता बनर्जी दौड़कर उनसे मिलने पहुंच गईं। खबरों के मुताबिक दोनों के बीच सुखद बातचीत हुई और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने जशोदाबेन को एक साड़ी भेंट की। बताया गया कि, ‘‘यह अचानक हुई मुलाकात थी, उनके बीच अभिवादन का आदान-प्रदान हुआ। मुख्यमंत्री ने उन्हें एक साड़ी उपहार में दी।’’
बता दें कि ममता बनर्जी आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करने वाली हैं और इस दौरान वह राज्य के बकाया कोष जैसे कई मुद्दों को उठायेंगी। जानकारी दें कि जशोदाबेन ने सोमवार को पश्चिम बंगाल के पश्चिम बर्धमान जिले के आसनसोल में कल्याणेश्वरी मंदिर में पूजा की। आसनसोल धनबाद से करीब 68 किलोमीटर दूर है। (18 सितंबर 2019)
क्या खूबी है इस हेलिकॉप्टर में?
60 फुट ऊंचे और 50 फुट चौड़े अपाचे हेलिकॉप्टर को उड़ाने के लिए 2 पायलट होने जरूरी हैं। अपाचे हेलिकॉप्टर के बड़े विंग को चलाने के लिए 2 इंजन होते हैं, इस वजह से इसकी रफ्तार बहुत ज्यादा है। 2 सीटर इस हेलिकॉप्टर में हेलिफायर और स्ट्रिंगर मिसाइलें लगी हुई हैं। इसमें एक सेंसर भी लगा है, जिसकी वजह से ये हेलिकॉप्टर रात में भी ऑपरेशन को अंजाम दे सकता है। 365 KM। घंटे की रफ्तार से उड़ान भरने वाले इस हेलिकॉप्टर में 30 ML की दो गन लगी हुई हैं। इस हेलिकॉप्टर की अधिकतम स्पीड 280 किलोमीटर प्रति घंटा है। अपाचे हेलिकॉप्टर का डिजाइन ऐसा है कि इसे रडार पर पकड़ना मुश्किल होता है। (03 सितम्बर 2019)
"पाकिस्तान ने की ना-पाक हरकत, किया सीजफायर उल्लंघन"
श्रीमती आर लक्ष्मी (GMC : NNI Coverage)
पाकिस्तान अपनी ना-पाक हरकत से बाज नहीं आया। पाकिस्तानी सेना ने 15 अगस्त के दिन भी सीजफायर का उल्लधंन किया। पाकिस्तान ने जम्मू कश्मीर में एक बार फिर संघर्ष विराम का उल्लंघन करते हुए गोलीबारी की, हालांकि सीजफायर उल्लंघन में पाकिस्तान के तीन जवान मारे गए। वहीं भारत ने पाकिस्तानी सेना के उस दावे को झूठा बताया है, जिसमें दावा किया गया है कि सीजफायर के उल्लघंन में भारतीय सेना के 5 जवान मारे गए। जम्मू कश्मीर के पूंछ में केजी सेक्टर में पाकिस्तान ने संघर्ष विराम का उल्लंघन करते हुए फायरिंग शुरू कर दी। वहीं उरी और राजौरी में भी पाकिस्तान की ओर से सीजफायर का उल्लंघन किया गया है। सीजफायर उल्लंघन में पाकिस्तान की तरफ से गोलीबारी की गई।
वहीं भारतीय सेना की ओर से इसका मुंहतोड़ जवाब दिया गया। इस कार्रवाई में पाकिस्तानी सेना के तीन जवान मारे गए। गौरतलब है कि जम्मू कश्मीर से धारा 370 हटाए जाने के बाद से पाकिस्तान की बौखलाहट जारी है। धारा 370 हटाए जाने के बाद से आतंकियों के जरिए हिंसा फैलाने की भी आशंका है। भारतीय सेना के नॉर्दर्न कमांड के चीफ ले. जनरल रणबीर सिंह ने कहा है कि पिछले कुछ दिनों में पाकिस्तान की ओर से लगातार फायरिंग की गई है। इसकी आड़ में पाक सेना की घुसपैठ कराने की कोशिश कर रही है लेकिन भारतीय सेना पूरी तरह से अलर्ट है और घुसपैठ की कोशिशों को नाकाम कर दिया गया है। सिंह ने कहा कि पिछले कुछ दिनों में घुसपैठ कराने के लिए पाकिस्तान सेना सीजफायर उल्लंघन का सहारा ले रही है। (16 अगस्त 2019)
"रेलवे का बड़ा एलान : ट्रेन और स्टेशन पर फ्री होगा खाना"
"राम रहीम के पैरोल पर बोले खट्टर, हम किसी को रोक नहीं सकते"
वैशाली पटेल (NNI Coverage राज्य ब्यूरो)
चंडीगढ़, हरियाणा। हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने मंगलवार को कहा कि डेरा सच्चा सौदा प्रमुख एवं बलात्कार-हत्या मामले में दोषी गुरमीत राम रहीम के पैरोल आवेदन पर निर्णय राज्य के हितों को ध्यान में रखते हुए किया जाएगा। खट्टर ने यहां कहा, ‘‘जो कोई भी पैरोल के लिए हकदार है वह मांग सकता है। हम किसी को भी रोक नहीं सकते।’’ उन्होंने यह बात उस संवाददाता सम्मेलन में कही जिसमें इनेलोविधायक जाकिर हुसैन और परमिंदर ढुल भाजपा में शामिल हुए। यह पूछे जाने पर कि उस स्थिति में कौन जिम्मेदार होगा जब यदि डेरा प्रमुख को पैरोल प्रदान करने पर हिंसा भड़क जाए, खट्टर ने कहा, ‘‘आप स्वयं ही निष्कर्ष निकाल रहे हैं जैसे कोई निर्णय कर लिया गया है।’’
बलात्कार के दो मामलों और एक पत्रकार की हत्या मामले में दोषी ठहराये जाने के बाद हरियाणा के रोहतक जिले के सुनरिया जेल में बंद राम रहीम ने सिरसा जिले में अपने खेतों की देखभाल के लिए 42 दिन के पैरोल का अनुरोध किया है। 51 वर्षीय राम रहीम डेरा अनुयायी रंजीत सिंह की हत्या मामले में भी सुनवायी का सामना कर रहा है। इसके साथ ही उस पर अनुयायियों को नपुंसक बनाने का भी एक मामला चल रहा है। राम रहीम को जेल अधीक्षक से एक अनुकूल रिपोर्ट मिली है जिन्होंने कहा कि उसका आचरण अच्छा है और उसने किसी नियम का उल्लंघन नहीं किया है। इससे पहले दिन में सिरसा के उपायुक्त अशोक कुमार गर्ग ने कहा कि चीजें प्रक्रिया में हैं तथा राजस्व एवं पुलिस विभागों से रिपोर्ट मांगी गई हैं। गर्ग ने कहा, ‘‘अभी सिर्फ इतना कह सकता हूं कि चीजें प्रक्रिया में हैं।’’ मुख्यमंत्री खट्टर ने कहा कि किसी भी पैरोल अर्जी में विधिक, प्रशासनिक और अन्य प्रक्रियाएं शामिल होती हैं। उन्होंने कहा कि पैरोल की अर्जी जेल अधीक्षक के समक्ष दायर की जाती है जो उसे संबंधित उपायुक्त को अग्रेषित करता है। उसके बाद पुलिस अधीक्षक से एक रिपोर्ट मांगी जाती है और अंत में मंडल आयुक्त द्वारा सिफारिश की जाती है।
उन्होंने कहा कि मंडल आयुक्त की सिफारिश मिलने के बाद जरूरी होने पर सरकार अपनी भूमिका निभाएगी। उन्होंने कहा, ‘‘यदि सरकार की कोई भूमिका नहीं होगी, वह नहीं निभाएगी।’’ खट्टर ने कहा, ‘‘ऐसा निर्णय किया जाएगा जो कि राज्य के हित में हो। यदि हमें (सरकार) ऐसा कोई निर्णय करना हो जो कि राज्य के हित में नहीं हो तो वह नहीं किया जाएगा।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हमने (पैरोल मुद्दे पर) अभी तक तक कोई निर्णय नहीं किया है।’’ खट्टर ने कहा कि पैरोल मुद्दा डीसी..एसपी स्तर पर है और सिरसा एसपी या डीसी अपनी रिपोर्ट कब सौंपेंगे, इसकी कोई समयसीमा नहीं है। उन्होंने कहा कि एक रिपोर्ट सौंपे जाने पर एक चीजें आगे बढ़ेंगी। सोमवार को सिरसा में पुलिस ने कहा कि वह अर्जी के गुणदोष के आधार पर अपनी रिपोर्ट तैयार करेगी। जिले के एक पुलिस अधिकारी ने पहले कहा था कि राजस्व विभाग यह पता लगाएगा कि डेरा प्रमुख के पास कितनी जमीन है। डेरा का मुख्यालय सिरसा में ही है। अधिकारियों ने बताया कि सिरसा जिला प्रशासन को रोहतक मंडल आयुक्त को एक रिपोर्ट देने को कहा है कि जिसकी एक प्रति जेल अधीक्षक को भी उल्लेखित हो। राम रहीम के मामले में रोहतक आयुक्त को पैरोल अनुरोध पर निर्णय करने में राज्य सरकार की शक्तियों का इस्तेमाल करने का अधिकार है। कोई भी निर्णय करने से पहले सिरसा जिला प्रशासन की सिफारिश ध्यान में रखी जाएगी। (26 जून 2018)
"अग्रिम मोर्चों पर पहुंचे सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत"
श्रीनगर (संसु0) : सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने अग्रिम ठिकानों का दौरा किया। ये ठिकाने जम्मू क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर बनाए गए हैं। उन्होंने किसी भी शत्रुतापूर्ण गतिविधि को विफल करने का भरोसा जताया। रविवार को रक्षा प्रवक्ता ने बताया कि सेना प्रमुख ने जम्मू क्षेत्र में सांबा और रत्नूचक में अग्रिम ठिकानों का दौरा किया और अभियानगत तैनाती और तैयारियों की समीक्षा की। जनरल रावत को राइजिंग स्टार कोर के जनरल ऑफिसर कमांडिंग लेफ्टिनेंट जनरल जे एस नैन ने स्थिति और अभियानगत तैयारियों से अवगत कराया।
प्रवक्ता ने बताया कि सेना प्रमुख ने अग्रिम ठिकानों पर तैनात सैनिकों से भी बात की। जनरल रावत ने देश के दुश्मनों के किसी भी नापाक इरादे को विफल करने और किसी भी स्थिति से निपटने की भारतीय सेनाओं की क्षमताओं पर पूरा भरोसा जताया
प्रवक्ता ने बताया कि सेना प्रमुख ने सैनिकों की तैयारियों के उच्च स्तर की सराहना भी की।
जनरल रावत यहां शनिवार को पहुंचे और नियंत्रण रेखा तथा अंतरराष्ट्रीय सीमा पर मौजूदा स्थिति के मद्देनजर कोर जोन में व्हाइट नाइट कोर मुख्यालय का दौरा किया। उत्तरी क्षेत्र के सैन्य कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल रणबीर सिंह भी उनके साथ थे। सेना प्रमुख को उनके दौरे के दौरान व्हाइट नाइट कोर के जनरल ऑफिसर कमांडिंग लेफ्टिनेंट जनरल परमजीत सिंह ने मौजूदा अभियानगत स्थिति, वर्तमान सुरक्षा परिदृश्य और कोर की अभियानगत तैयारियों से अवगत कराया। पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में बालाकोट स्थित आतंकी संगठन जैश ए मोहम्मद के सबसे बड़े प्रशिक्षण शिविर को भारतीय वायुसेना द्वारा तबाह किए जाने के बाद सेना प्रमुख का क्षेत्र का यह पहला दौरा था। (03 मार्च 2019)
अभिनंदन के साथ कौन है ये महिला, जानकर रह जाएंगे दंग





नेपाल के पर्यटन मंत्री सहित 7 लोगो की हेलीकॉप्टर दुर्घटना मे मौत।*
नेपालगंजरोड बहराइच बुधवार की सुबह काठमांडू से उड़ा हेलिकॉप्टर नेपाली जिला तेराथुम मे दुर्घटनाग्रस्त हो गया इसमे नेपाल के पर्यटन व संस्कृति मंत्री रवीन्द्र अधिकारी सहित सभी 7 लोगो की मौत हो गई। नेपाल के गृह सचिव प्रेम कुमार राई द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति मे बताया गया कि नेपाल के प्रधान मंत्री केपी शर्मा ओली ने तेराथुम मे बन रहे विमान स्थल का निरीक्षण करने हेतु एक सर्वे टोली 8,30 बजे सुबह रवाना की थी। हेलिकॉप्टर तेराथुम की अठराई गांव सभा के चुहानडाडा मे निर्माणधीन एअरपोर्ट का निरीक्षण कर वापस लौट रहा था ताप्लेजुंग जिले की फुंगलिंग नगरपालिका के वार्ड नंबर 10 के सिस्ने नामक स्थान पर हेलिकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। जिसमे मंत्री रवीन्द्र अधिकारी,यति एअर लाइंस मालिक आंगछिरिंग शेर्पा , वीरेंद्र प्रसाद श्रेष्ठ ,युवराज दहाल,अर्जुनकुमार घिमिरे व नेपाल नागरिक उड्डयन प्राधिकरण के इंजीनियर ध्रुवदास भोछिभया सवार थे। सभी की मौत हो गई। ताप्लेजुंग के डीएसपी संजय सिंह थापा मय फोर्स घटना स्थल की ओर रवाना हो गए। (27 फरवरी 2019)
इस मामले में अमेरिका ने पाकिस्तान सरकार से सवाल पूछा है कि उसने बिना अनुमति के एफ-16 विमान का प्रयोग सैन्य कार्रवाई के लिए क्यों किया।

Air Strike के बाद बौखलाया पाक, गांवों को ढाल बना दागा मोर्टार-मिसाइल
जम्मू-कश्मीर (Jammu-Kashmir) के पुलवामा (Pulwama) में सीआरपीएफ (CRPF) के जवानों पर पाकिस्तान (Pakistan) समर्थित जैश-ए-मोहम्मद (Jaish-e-Mohammed) द्वारा किए गए आतंकी हमले से नाराज भारत ने 26 फरवरी को सुबह तड़के आतंकवादियों को मुंहतोड़ जवाब दिया है। भारतीय वायुसेना ने सुबह साढ़े 3 बजे 12 मिराज 2000 भारतीय लड़ाकू जेट विमानों ने एलओसी के पार जाकर आतंकवादी कैंपों पर निशाना बनाया। इसे पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया है बताया जा रहा है कि इस हमले में 350 से ज्यादा आंतकियों को जानें गई हैं। इससे तिलमिलाए पाकिस्तान ने मंगलवार शाम से ही एलओसी पर जबरदस्त फायरिंग शुरू कर दी है। पाकिस्तान एलओसी पर 12 से 15 जगहों पर हैवी कार्बाइन हथियार से फायरिंग कर रहा है। वही पाकिस्तानी गोलाबारी का करारा जवाब देते हुए भारतीय सेना ने जम्मू कश्मीर में नियंत्रण रेखा के उस पार स्थित पाकिस्तान की पांच चौकियां ध्वस्त कर दी। इस कार्रवाई में कई पाकिस्तानी सैनिक ‘हताहत' हुए हैं। एक रक्षा अधिकारी ने यह जानकारी दी। रक्षा पीआरओ ने कहा, ‘भारतीय सेना ने जवाबी कार्रवाई की और हमारी लक्षित गोलीबारी में पांच चौकियों को गंभीर नुकसान पहुंचा और (राजौरी और पुंछ जिलों में नियंत्रण रेखा से लगे क्षेत्र में) पाकिस्तानी सेना के कई जवान हताहत हुए।' पाकिस्तानी सैनिकों को ग्रामीणों को मानव ढाल के तौर पर इस्तेमाल करते हुए और आम नागरिकों के घरों से मोर्टार और मिसाइलें दागते हुए भी देखा गया। हालांकि भारतीय सेना ग्रामीण इलाकों से दूर पाक सेना को निशाना बना रही है। इस गोलाबारी में भारतीय सेना के भी 10 जवाब घायल हुए हैं। हालांकि कोई भी जवान गंभीर रूप से जख्मी नहीं है। उन्हें मामूली चोटें आई हैं।
बता दे, पाकिस्तान के बालकोट पर मंगलवार सुबह 3:30 बजे एयर स्ट्राइक के बाद शाम को पाकिस्तान ने LoC पर जबरदस्त फायरिंग शुरू कर दी है। आर्मी के सूत्रों के मुताबिक, 26 फरवरी की शाम से पाकिस्तानी सैनिकों ने जम्मू-कश्मीर में LoC पर 50 जगहों पर बमबारी की थी। यूं तो पिछले तीन दिनों से लगातार पाकिस्तानी सेना बॉर्डर पर गोलीबारी कर रही है लेकिन मंगलवार शाम यह काफी बढ़ गई थी। भारतीय सेना का कहना है कि वह इसका मुंहतोड़ जवाब देंगे। भारतीय वायुसेना से जुड़े सूत्रों ने बताया कि वायुसेना के विमानों ने बीती रात नियंत्रण रेखा के पार जैश के आतंकी कैंप पर करीब 1000 किलोग्राम के बम बरसाए। बता दें कि 14 फरवरी को पुलवामा में हुए आतंकी हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हो गए थे, जिसकी जिम्मेदारी जैश-ए-मोहम्मद ने ली थी। विदेश सचिव विजय के.गोखले ने मीडिया से कहा, मंगलवार तड़के खुफिया अभियान में बालाकोट में जेईएम के सबसे बड़े प्रशिक्षण शिविर पर भारत ने हवाई हमला किया। इस अभियान में जैश के बड़ी संख्या में आतंकवादियों, प्रशिक्षकों, वरिष्ठ कमांडरों व जिहादियों के समूह को मार गिराया गया। इन्हें फिदायीन हमले के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा था।'
बता दें कि 14 फरवरी को पुलवामा में हुए आतंकी हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हो गए थे, जिसकी जिम्मेदारी जैश-ए-मोहम्मद ने ली थी।
आपको बता दें एयरफोर्स की कार्रवाई में मिराज (Mirage 2000) के अलावा डीआरडीओ के बनाये गये मिनी अवाक्स भी शामिल थे, जो करीब 200 किलोमीटर दूर तक हर हरकत पर नज़र रख सकते हैं। साथ में हवा में ईंधन भरने वाला एयर टू एयर रीफ्यूल भी था। करगिल युद्ध के समय भी मिराज ने बिना एलओसी क्रॉस किए पाकिस्तानी में मौजूद आतंकी कैंपों को तबाह किया था। गौरतलब है कि कारगिल जंग के दौरान जो मिग -21 के कमांडिंग ऑफिसर थे वो आज वायुसेना के प्रमुख एयर चीफ मार्शल बी एस धनोवा है। उन्होंने भी उस वक़्त मिग -21 से पाक घुसपैठियों को निशाना बनाया था। (27 फरवरी 2019)
पाकिस्तान के खिलाफ कड़ा कदम उठा सकता है भारत : डोनाल्ड ट्रंप
अमेरिका (संसू0) अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि पुलवामा हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच खतरनाक चीजें चल रही हैं, यह बहुत बुरी स्थिति है। ट्रंप ने कहा कि प्रशासन दोनों पक्षों के साथ संपर्क में हैं और आशा करता है कि घाटी में द्वेष जल्द समाप्त होगी। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, 'अभी पाकिस्तान और भारत के बीच स्थिति बहुत खराब है। भारत कोई बड़ा कदम उठा सकता है. हम इसे जल्द खत्म होते देखना चाहते हैं. कई लोग मारे गए हैं. हम इसे रुकते हुए देखना चाहते हैं। हम इसमें (शांति प्रक्रिया) बहुत ज्यादा संलिप्त हैं.' बता दें कि पुलवामा हमले के बाद अमेरिका में रह रहे भारतीय पाकिस्तानी दूतावास के सामने लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पाकिस्तान के ऊपर काफी दबाव बनाया जा रहा है।
डोनाल्ड ट्रंप जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में पिछले सप्ताह हुए आतंकी हमले में मारे गए 40 भारतीय जवानों के पर किए गए सवालों पर ये जवाब दे रहे थे। पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने हमले के तुरंत बाद इसकी जिम्मेदारी ली थी। ट्रंप ने कहा, 'भारत बहुत बड़ी कार्रवाई की योजना बना रहा है। भारत ने हमले में लगभग 50 लोग खोए हैं। मैं यह समझ सकता हूं। प्रशासन (अमेरिकी) दोनों देशों में अधिकारियों से बात कर रहा है।' उन्होंने कहा, 'हम बातचीत कर रहे हैं. कई लोग बातचीत कर रहे हैं. कश्मीर में जो हो हुआ है, उसके कारण अभी भारत और पाकिस्तान के बीच कई समस्याएं है. यह काफी खतरनाक है.'
राष्ट्रपति ने कहा कि अमेरिका ने पाकिस्तान के साथ संबंधों में सुधार किए हैं और पाकिस्तानी अधिकारियों व नेताओं के साथ बैठकें जारी हैं।
ट्रंप ने कहा, 'मैंने पाकिस्तान को दिए जाने वाले 1.3 बिलियन डॉलर की सहायता राशि रोक दी थी। इस बीच हम पाकिस्तान के साथ कुछ बैठकें कर सकते हैं। पाकिस्तान अमेरिका के दूसरे राष्ट्रपतियों के तहत काफी ज्यादा फायदा ले रहा था। हम पाकिस्तान को हर साल 1.3 बिलियन डॉलर दे रहे थे। मैंने इसे रोक दिया था क्योंकि वह उस तरीके से हमारी मदद नहीं कर रहा था जैसा उसे करना चाहिए था।' (23 फरवरी 2019)
"बालिग होने के बावजूद नही खरीद पाएंगे सिगरेट, होगा पूर्ण प्रतिबंध"
अमेरिका (संसू0)। धूम्रपान जानलेवा है यह जानते हुए भी लोग इसे छोड़ नहीं पाते हैं। इसके चलते उनकी उम्र से पहले ही मौत हो जाती है। ऐसे में धूम्रपान की लत को छुड़ाने के लिए अमेरिका ने एक कड़ा कानून बनाने का निर्णय लिया है।जिसके तहत आगामी 5 वर्षों में यहां सिगरेट पूर्णतया प्रतिबंधित किया जा सकता है। दरअसल, अमेरिका के हवाई प्रांत की सदन में एक कानून का मसौद पेश किया है जिसके मुताबिक आगामी 5 वर्षों में सिगरेट खरीदने की न्यूनतम उम्र को चरणबद्ध तरीके से बढ़ाया जाएगा।
सिगरेट खरीद से रोक के लिए बढ़ाई जाएगी न्यूनतम उम्र
इस बिल को लाने वाली रिपब्लिकन नेता सिंथिया थिएलेन के मुताबिक, नई नीति के जरिए सरकार 2024 तक राज्य को पूरी तरह सिगरेट मुक्त करना चाहती है। इसके लिए अगले पांच साल तक सिगरेट खरीदने वालों की न्यूनतम उम्र बढ़ाई जाएगी। जैसे अभी 21 साल से कम उम्र केलोग सिगरेट नहीं खरीद सकते। लेकिन 2020 में ये उम्र बढ़ाकर 30 साल कर दी जाएगी। यानी 30 साल से कम उम्र के लोग सिगरेट नहीं खरीद पाएंगे।
इस तरह सिगरेट पर लग जाएगा पूर्णतया प्रतिबंध…
इसके बाद 2021 में ये उम्र बढ़ाकर 40 साल कर दी जाएगी और 2022 में 50। इसके बाद 2023 में कम से कम उम्र बढ़ाकर 60 और 2024 में 100 कर दी जाएगी। यानी 2024 में 100 साल से कम उम्र के लोग सिगरेट नहीं खरीद पाएंगे। इस तरह अगले पांच सालों में अमेरिका के हवाई में सिगरेट खरीदने पर लगभग पूरी तरह पाबंदी लग जाएगी।
भारत में जितने मर जाते, उतनों को बचाने की कवायद
सिंथिया के मुताबिक, हवाई राज्य की कुल जनसंख्या 14 लाख के करीब है। नई नीति से हम 2024 तक राज्य को पूरी तरह से सिगरेट मुक्त कर देंगे। आपको जानकर हैरत होगी कि लगभग इतने लोग हर साल भारत में सिगरेट पीने से मर जाते हैं। गौरतलब है कि भारत में सिगरेट पीने वालों की संख्या 10 करोड़ से ज्यादा है। (12 फरवरी 2019)
राम मंदिर का निर्माण जल्द, होगा हिन्दू विजय काल : मोहन भागवत।
नई दिल्ली : राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सर संघचालक मोहन भागवत ने विश्व हिंदू परिषद की धर्मसंसद में भाग लिया। इस दौरान उन्होंने राम मंदिर को लेकर कहा कि मंदिर निर्माण का काम नजदीक आ पहुंचा है, इसलिए हमें सोच समझकर कदम उठाने चाहिए। मोहन भागवत ने कहा कि राम मंदिर आंदोलन को वीएचपी (VHP) विश्वव्यापी बनाना चाहती थी, आरएसएस (RSS) ने उसमें मदद की। उन्होंने कहा कि राम मंदिर वीएचपी का आंदोलन हैं, आरएसएस कोई आंदोलन नहीं चलता है। आरएसएस सिर्फ इस आंदोलन में घटक है। भागवत ने सुप्रीम कोर्ट में राम मंदिर चल रहे मामले पर कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि राम मंदिर हमारी प्राथमिकता नहीं है, तो हमने कहा कि इसका मतलब हमें न्याय नहीं मिलने वाला है। उन्होंने कहा कि अयोध्या में अब अगर कुछ बनेगा तो सिर्फ भव्य राम मंदिर (Ram Temple) बनेगा और कुछ नहीं बनेगा। मंदिर का निर्माण एक साल में आरंभ हो हम ऐसा कुछ करना चाहते हैं। इसके साथ ही उन्होंने कहा राम मंदिर को लेकर सावधानी से कदम उठाने की अपील की। भागवत ने कहा कि मंदिर निर्माण का काम नजदीक आ पहुंचा है, इसलिए हमें सोच समझकर कदम उठाने चाहिए। भागवत ने कहा कि मंदिर पर चुनावी मुद्दा बनाने को लेकर कहा कि हमें ये देखना है कि मंदिर कौन बनाएगा, अगर वो मंदिर वोटों के लिए नहीं बनाएंगे तो बहुत उत्कृष्ट और महान मंदिर बनेगा.
भागवत ने कहा कि चुनाव नजदीक है और राम मंदिर बनाने वाले ये जरूर कहेंगे कि हमें वोट दो क्योंकि हम मंदिर बनाएंगे। लेकिन इसे चुनावी मुद्दा नहीं बनाना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि सनातन धर्म के विजय का काल आ गया है, भव्य मंदिर के निर्माण में संघ अपनी पूरी ताकत लगायेगा। आरएसएस प्रमुख ने धर्म संसद के प्रस्ताव का समर्थन करते हुए कहा कि अगले 4-6 महीने में कुछ हो गया तो ठीक है, नहीं तो उसके बाद कुछ ना कुछ तो अवश्य होगा। (02 फरवरी 2019)
BSP प्रमुख मायावती का जन्मदिन, जीवन से जुडे़ कुछ खास पहलू
नई दिल्ली:
मायावती एक भारतीय महिला राजनीतिज्ञ हैं और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमन्त्री रह चुकी हैं. वे बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की अध्यक्ष हैं, जिसका चुनाव चिन्ह हाथी है. मायावती को भारत की सबसे युवा महिला मुख्यमंत्री के साथ-साथ सबसे प्रथम दलित मुख्यमंत्री भी होने का श्रेय प्राप्त है. वे चार बार उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री रह चुकी हैं. उन्होंने अपने कैरियर की शुरुआत एक स्कूल शिक्षिका के रूप में की थी, लेकिन कांशीराम की विचारधारा और कर्मठता से प्रभावित होकर उन्होंने राजनीति में प्रवेश किया. उनका राजनैतिक इतिहास काफी सफल रहा और 2003 में उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव हारने के बावजूद उन्होंने साल 2007 में फिर से सत्ता में वापसी की. अपने समर्थको में 'बहन जी' के नाम से मशहूर मायावती 13 मई 2007 को चौथी बार उत्तर प्रदेश की मुख्यमन्त्री बनीं और पूरे पांच साल तक शासन करने के बाद साल 2012 का चुनाव अपनी प्रमुख प्रतिद्वंद्वी समाजवादी पार्टी से हार गयीं।
साल 1984 तक मायावती ने बतौर शिक्षिका काम किया. वे कांशीराम के कार्य और साहस से काफी प्रभावित थी. 1984 में जब कांशीराम ने एक नए राजनैतिक दल ‘बहुजन समाज पार्टी’ का गठन किया तो मायावती शिक्षिका की नौकरी छोड़ कर पार्टी की पूर्णकालिक कार्यकर्ता बन गयीं. उसी साल उन्होंने मुज्ज़फरनगर जिले की कैराना लोक सभा सीट से अपना पहला चुनाव अभियान आरंभ किया. साल 1985 और 1987 में भी उन्होंने लोकसभा चुनाव में कड़ी मेहनत की. आख़िरकार साल 1989 में उनके दल ‘बहुजन समाज पार्टी’ ने 13 सीटों पर चुनाव जीता।
धीरे-धीरे पार्टी की पैठ दलितों और पिछड़े वर्ग में बढ़ती गयी और साल 1995 में वे उत्तर प्रदेश की गठबंधन सरकार में मुख्यमंत्री बनायी गयीं. साल 2001 में पार्टी के संस्थापक कांशीराम ने मायावती को दल के अध्यक्ष के रूप में अपना उत्तराधिकारी घोषित किया. 2002-2003 के दौरान भारतीय जनता पार्टी की गठबंधन सरकार में मायावती फिर से मुख्यमंत्री चुनी गई. इसके बाद बीजेपी ने सरकार से अपना समर्थन वापिस ले लिया और मायावती सरकार गिर गयी।
सन 2007 के विधानसभा चुनाव के बाद मायावती फिर से सत्ता में लौट आई और भारत के सबसे बड़े राज्य की कमान संभाली. मायावती के शासनकाल के दौरान उत्तर प्रदेश के बाहर बसपा का विस्तार नहीं हो पाया, क्योंकि उनके निरंकुश शासन के चलते ज्यादातर पिछड़े वर्ग के लोगों ने उनसे मुंह मोड़ लिया. मायावती ने अपने कार्यकाल के दौरान दलित और बौद्ध धर्म के सम्मान में कई स्मारक स्थापित किये।
अब एक बार फिर बहुजन समाज पार्टी सुप्रीमो मायावती उत्तर प्रदेश में होने वाले 2019 के चुनाव के लिए पूरी तैयारी से मैदान में उतरती नजर आ रही हैं. इसके लिए इस चुनाव में सपा-बसपा एक साथ महागठबंधन कर साथ उतर रहे हैं. इसके चलते हाल ही में सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और बसपा सुप्रीमो मायावती ने लखनऊ स्थित ताज होटल में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान इस महागठबंधन की घोषणा की. मायावती ने कहा कि उत्तर प्रदेश की कुल 80 लोकसभा सीटों पर सपा और बसपा 38-38 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। (15 जनवरी 2019)
दिल्ली में एसीपी ने की खुदकुशी, पुलिस विभाग में हड़कंप
नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में खुदकुशी का एक हैरत में डालने वाला मामला सामने आया है, दिल्ली पुलिस के एक एसीपी ने आज सुबह आत्महत्या कर ली है. जानकारी के अनुसार, एसीपी प्रेम बल्लभ ने दिल्ली पुलिस मुख्यालय की 10वीं मंजिल से कूदकर अपनी जान दे दी, इस आश्चर्यजनक घटना के बाद सवाल उठ रहे हैं कि आखिर पुलिस मुख्यालय की बिल्डिंग से कूदकर जान देने के पीछे क्या वजह थी?
दिल्ली पुलिस ने अभी तक इस मामले में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है. उल्लेखनीय है कि एसीपी प्रेम बल्लभ दिल्ली पुलिस के इस्टेबिल्समेंट ब्रांच में तैनात थे. दिल्ली पुलिस ने उनके शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है. एसीपी की खुदकुशी के कारण का पता अभी तक नहीं चल सका है, मृतक के पास से कोई सूइसाइड नोट मिला है या नहीं, इसके बारे में भी पुलिस ने कोई जानकारी नहीं दी है।
आत्महत्या के इस मामले में अभी वरिष्ठ अधिकारियों या पुलिस की तरफ से कोई बयान जारी नहीं किया है. पुलिस महकमा भी प्रेम बल्लभ के इस कदम से हैरत में है. फिलहाल, पुलिस इस मामले की जांच में लग गई है. आपको बता दें कि कुछ साल पहले भी इसी तरह का मामला सामने आया था जब दिल्ली पुलिस के एक एससीपी ने भी खुद को गोली मारकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली थी। (29 नवंबर 2018)
बता दें कि 14 फरवरी को पुलवामा में हुए आतंकी हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हो गए थे, जिसकी जिम्मेदारी जैश-ए-मोहम्मद ने ली थी।
आपको बता दें एयरफोर्स की कार्रवाई में मिराज (Mirage 2000) के अलावा डीआरडीओ के बनाये गये मिनी अवाक्स भी शामिल थे, जो करीब 200 किलोमीटर दूर तक हर हरकत पर नज़र रख सकते हैं। साथ में हवा में ईंधन भरने वाला एयर टू एयर रीफ्यूल भी था। करगिल युद्ध के समय भी मिराज ने बिना एलओसी क्रॉस किए पाकिस्तानी में मौजूद आतंकी कैंपों को तबाह किया था। गौरतलब है कि कारगिल जंग के दौरान जो मिग -21 के कमांडिंग ऑफिसर थे वो आज वायुसेना के प्रमुख एयर चीफ मार्शल बी एस धनोवा है। उन्होंने भी उस वक़्त मिग -21 से पाक घुसपैठियों को निशाना बनाया था। (27 फरवरी 2019)
पाकिस्तान के खिलाफ कड़ा कदम उठा सकता है भारत : डोनाल्ड ट्रंप
राम मंदिर का निर्माण जल्द, होगा हिन्दू विजय काल : मोहन भागवत।
BSP प्रमुख मायावती का जन्मदिन, जीवन से जुडे़ कुछ खास पहलू
"पहले करवाचौथ पर अनुष्का ने पहनी इतनी कीमती साड़ी"

बता दें कि घूसकांड में सीबीआई के दिग्गज अफसरों के नाम सामने आने पर केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) ने एक बैठक की। इस बैठक में फैसला लिया गया कि सीबीआई चीफ आलोक वर्मा समेत स्पेशल डायरेक्टर राकेश अस्थाना को पद से हटाया जाए, क्योंकि घूसकांड के विवाद में दोनों ही अफसरों पर आरोप लग रहे हैं। इसके साथ ही सीबीआई के कई अन्य अफसरों को बदलने की भी सिफारिश सीवीसी ने सरकार से की थी।
देर रात तक चली कवायद
सीवीसी की सिफारिश के बाद देर रात तक इस मुद्दे को लेकर बैठकों का दौर चलता रहा। देर रात फैसला लिया गया कि आलोक वर्मा और राकेश अस्थाना को छुट्टी पर भेजा जाएगा और नागेश्वर राव को अंतरिम चीफ बना दिया। इस सब के बाद सबसे पहला निर्देश यह जारी हुआ कि सीबीआई बिल्डिंग के दो फ्लोर को भी सील कर दिया गया है। वहां किसी भी अधिकारी को जाने की अभी इजाजत नहीं दी गई है।
प्रशांत भूषण ने किया सुप्रीम कोर्ट का रुख
वहीं इस मुद्दे पर अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने सुप्रीम कोर्ट का रुख करने की बात कही। उन्होंने कहा कि सीबीआई के चीफ का अपना कार्यकाल निर्धारित है। उन्हें ऐसे बीच में हटाने के लिए एक पैनल होता है, जिसमें चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया के साथ पीएम व अन्य होते हैं। ऐसे ही सरकार उन्हें नहीं हटा सकती। लेकिन जब उनसे पूछा गया कि सीबीआई चीफ को हटाने के लिए सीवीसी ने सिफारिश की है तो उनका कहना था कि सीवीसी पर हमेशा से सरकारों का अधिपत्य रहा है। सरकारें सीवीसी से अपने अनुसार काम करवाते रहे हैं। (24 अक्टूबर 2018)






















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