छुप जा रे सूरज यहां बहुत नंगाई है.....
भानू प्रताप यादव (संवाददाता NNI Coverage समाचार सेवा)
नानपारा, बहराइच। नगर नानपारा के मोहल्ला तोपखाना निवासी शायर सफीर नानपारवी के आवास पर बज़्मे गुलज़ार-ए-अदब की महाना तरही नशिस्त का इनक़ाद किया गया। संचालन शहीद नानपारवी ने किया।
रोशन ज़मीर नानपारवी ने पढ़ा कि संग-ए-नफ़रत से दिलों ने जो चोट खायी है, बस सबब यह है कि हर आंख तमाशायी है। शहीद नानपारवी ने पढ़ा कि क़ैद में बस यह कोई कह दे बहार आयी है, फिर तो मैं हूं मिरी ज़ंजीर है अंगड़ाई है। सफ़ीर नानपारवी ने पढ़ा कि चश्म अश्कों से तिरी देखा जो भर आयी है, दिल ने माना कि तिरे प्यार में गहराई है। अय्यूब नानपारवी ने पढ़ा कि इस क़दर दूर किया फिरक़ो ने अय्यूब यहां, भाई को भाई नहीं कहता सगा भाई है। अबरार नानपारवी ने पढ़ा कि क्यों न हो गुफ़्तुगू मेरी वो मिरे हमदम से, पास में अपने मोबाइल है वाई-फाई है।
एडवोकेट ध्यान प्रकाश श्रीवास्तव "सूरज" ने पढ़ा कि - फैशन की दुनिया तरतीब रील की, तबस्सुम नवाबी किसी ने नहीं फील की। छुप जा रे सूरज यहां बहुत नंगाई है, कौन कहता है कि बाज़ार में महंगाई है!
इन शायरों के अलावा नशिस्त में आरिफ नानपारवी, शकील मकी और शम्स नानपारवी वगैरह ने भी अपने अपने कलाम पेश किए। नशिस्त में कलीम कुरैशी, ज़ैद व तमाम सामेईन मौजूद रहे।

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