अय्यूब अंसारी (संवाददाता NNI Coverage समाचार सेवा)
नानपारा, बहराइच (उ०प्र०)। श्रावण मास में नानपारा के शिवभक्तों ने कांवड़ लेकर लम्बी पैदल यात्रा करते हुए अंतिम सोमवार को देवघर स्थित पवित्र ज्योतिर्लिंग श्री बैद्यनाथ धाम में जलाभिषेक कर मंगलकामना की।
बताते चलें कि इस पावन अवसर पर कोतवाली नानपारा क्षेत्र के शिवभक्त निर्मल श्रीवास्तव, वेद प्रकाश श्रीवास्तव, मुरली मनोहर श्रीवास्तव, ध्यान प्रकाश श्रीवास्तव, मनोज श्रीवास्तव, जशवंत मिश्रा, संतोष पाठक व राजाराम करीब एक सप्ताह पूर्व जलाभिषेक व पूजन दर्शन के लिए सनातनी उत्साह के साथ भगवा धारण कर झारखण्ड के देवघर रवाना हुए। यात्रा में शिवभक्तों का जत्था सबसे पहले बिहार राज्य के सुल्तानगंज पहुंचा जहाँ श्री अजगैवीनाथ मंदिर में दर्शन करने के पश्चात् उत्तरवाहिनी गंगाजल कांवड़ में भरकर बोलबम के नारों के साथ बाबा वैद्यनाथ धाम के लिए करीब सवा सौ किलोमीटर की भक्तिपूर्ण पैदल यात्रा शुरू की। समतल मार्ग, जंगल, पहाड़ व नदी जैसे कठिन परम्परागत रास्तों से होते हुए श्रावण मास के चौथे सोमवार को सकुशल पहुंचकर शिवभक्तों ने श्री बैद्यनाथ धाम में जलाभिषेक करके भव्य दर्शन किये। इसके पश्चात् वहां से श्री वासुकीनाथ धाम स्थित शिवगँगा में स्नान व जलाभिषेक किया। शिवभक्तों ने अध्यात्मिक यात्रा के दौरान फोटो भेजते हुए अपने अनुभव भी साझा किये हैं।
भक्ति, आस्था और उल्लास के साथ शिवभक्त ध्यान प्रकाश श्रीवास्तव ने बताया कि यह काँवड़ यात्रा केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं, वरन मानसिक व शारीरिक रूप से भी बेहद लाभकारी है। निर्मल श्रीवास्तव ने कहा कि बाबा वैद्यनाथ अपने भक्तो की हर मंगल कामना पूर्ण करते हैं बस आस्था और समर्पण की भावना की आवश्यकता होती है। जशवंत मिश्रा ने लम्बी यात्रा पर कहा कि श्रद्धा जब क़दमों के जरिये समर्पण बनकर उतरती है तो कोई भी दूरी दूर नहीं लगती है।


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