Sunday, August 10, 2025

पुलिस के नाक नीचे फल फूल रहा चिप्पड़ का काला कारोबार

अरुण राव (राज्य ब्यूरो NNI Coverage समाचार सेवा)

नवाबगंज, बहराइच (उ०प्र०)। समूचे जनपद के तराई इलाके में अवैध नशा कारोबार जोरों पर है लेकिन जिम्मेदार हुक्मरान चुप्पी साधे हुए हैं जबकि चिप्पड़, गांजा, अफीम जैसे मादक पदार्थों का व्यापार धड़ल्ले से फल फूल रहा है और लगाम लगाने वाला कोई नहीं। हाल ही में खुलेआम चिप्पड़ बिक्री के खिलाफ आवाज उठाने पर एक स्थानीय पत्रकार को मुँह की खानी पड़ी। 

बताते चलें कि बीते दिनों स्थानीय पत्रकार भानू प्रताप यादव जब समाचार संकलन के लिए क्षेत्र भ्रमण पर थे तो थाना नवाबगंज के रिखीगांव बसंतपुरकालिका में मंगलीनाथ मंदिर के निकट उन्हें एक गुमटी में चिप्पड़ के काले कारोबार की जानकारी हुई, जिसे गांव का दिनेश साहू और उसका भाई बेखौफ़ अंजाम दे रहे हैं, पास में ही उदमी सिंह भी चिप्पड़ बेचता है। चिप्पड़ कारोबारियों से इस बारे में पूछताछ करने पर दबंग दिनेश साहू भड़क गया और पुलिस की दुहाई देते हुए पत्रकार को गालियां देते हुए आमादा फ़ौजदारी हुआ। किस्सा यहीं खत्म नहीं हुआ बल्कि दिनेश साहू ने यह भी कहा कि वह राजन तिवारी की देखरेख में काम करता है जो चिप्पड़ कारोबारियों को जेल के दरवाजे से वापस ले आता है क्यूंकि उसके भाई दरोगा और एसपी हैं। पत्रकार को जान हथेली पर रखकर वहां से हटना पड़ा। हालांकि पत्रकार की शिकायत पर पुलिस ने कार्यवाही का आश्वासन तो दिया है जो कल्पना के अतिरिक्त और कुछ नहीं कहा जा सकता। 

अब सवाल यह है कि क्या पुलिस की संरक्षण में ही यह चिप्पड़ का काला कारोबार हो रहा है या फिर चिप्पड़ कारोबारियों की हनक और पैसों की खनक में जिम्मेदार हुक्मरान की आंखें बंद हैं। लेकिन यह बात पूरी तरह साफ है कि जनपद में एक ओर जहाँ तराई इलाके में आमतौर से बिक रहे चिप्पड़ से युवा पीढ़ी नशे की लत में आकर खुद को बरबाद कर रही है, वहीं दूसरी ओर चिप्पड़ के अवैध कारोबारी दिन पर दिन करोड़पति होते जा रहे हैं लेकिन क्षेत्र के आलाधिकारी और पुलिस के कान में जूँ तक नहीं रेंक रही, जिसका खामियाजा आम आदमी, समाजसेवकों व पत्रकारों को भुगतना पड़ रहा है।

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